राज्य
16-Mar-2026
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बुरहानपुर (ईएमएस)। मध्य प्रदेश के बुरहानपुर में स्थित 400 साल पुराना कुंडी भंडारा (खूनी भंडारा) मुगलकालीन इंजीनियरिंग का एक बेजोड़ नमूना है। 1615 ईस्वी में निर्मित यह भूमिगत जल प्रणाली आज भी सक्रिय है, जो गुरुत्वाकर्षण के नियम के बिना भी मीठा पानी सप्लाई करती है। यह यूनेस्को की संभावित सूची में शामिल है। इसका निर्माण मुग़ल बादशाह अकबर के सूबेदार अब्दुर्रहीम ख़ान-ए-ख़ाना ने 1612-1615 के बीच करवाया था। सतपुड़ा की पहाड़ियों से जमीन के 80 फीट नीचे से पानी को शहर तक लाने के लिए यह एक भूमिगत नहर प्रणाली है। इस पानी के हल्के लाल-गुलाबी रंग के कारण, इसे खूनी भंडारा भी कहा जाता है, जो अब कुंडी भंडारा के नाम से प्रसिद्ध है। यह प्रणाली आज भी बुरहानपुर के कई घरों में प्राकृतिक रूप से साफ और मिनरल वाटर से बेहतर पानी की आपूर्ति करती है। यह एक प्रमुख पर्यटन स्थल है जहाँ पर्यटक भूमिगत नहरों को देखने आते हैं। यह प्राचीन संरचना मुगलकालीन भारत की उन्नत जल प्रबंधन तकनीक को दर्शाती है।