19 मार्च से शुरू होगी 30 दिवसीय उत्तरवाहिनी पंचकोशी परिक्रमा; श्रद्धालुओं के लिए गुजरात सरकार की व्यापक तैयारियाँ गांधीनगर (ईएमएस)| भारतीय संस्कृति में सदियों से साधु-संतों तथा श्रद्धालुओं के लिए नर्मदा परिक्रमा केवल यात्रा नहीं; बल्कि आस्था, साधना एवं आध्यात्मिक शक्ति का अनूठा अनुभव रही है और गुजरात में आयोजित होने वाली उत्तरवाहिनी पंचकोशी नर्मदा परिक्रमा इसी सनातन परंपरा का जीवंत प्रतिबिंब है, जहाँ भक्त नर्मदा माता की आराधना के साथ परिक्रमा कर आध्यात्मिक साहस के माध्यम से शांति का अनुभव प्राप्त करते हैं। गुजरात सरकार भी हर वर्ष आयोजित होने वाली उत्तरवाहिनी पंचकोशी नर्मदा परिक्रमा को भव्य एवं सुव्यवस्थित बनाने के लिए बड़े पैमाने पर व्यवस्थाएँ करती है। इस वर्ष (गुजराती विक्रम संवत के अनुसार) आगामी फाल्गुन वद अमावस्या 19 मार्च से चैत्र वद अमावस्या 17 अप्रैल, 2026 तक चलने वाली इस 30 दिवसीय नर्मदा परिक्रमा के लिए भी राज्य सरकार ने जोरशोर से तैयारियाँ शुरू कर दी हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दिए गए ‘विकास भी, विरासत भी’ मंत्र का अनुकरण करते हुए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल द्वारा गुजरात में भी धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण के साथ आधुनिक सुविधाओं के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री के संवेदनशील नेतृत्व तथा मार्गदर्शन में राज्य सरकार नर्मदा परिक्रमा के लिए ऐसी व्यवस्थाएँ कर रही है कि जिसमें श्रद्धा, सुरक्षा एवं सुविधा; तीनों का संगम देखने को मिलेगा। * 5.41 करोड़ रुपए की लागत से अस्थायी सुविधाओं का व्यापक विस्तार नर्मदा परिक्रमार्थियों की ‘दुर्गम’ यात्रा को ‘सुगम’ बनाने के लिए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात पवित्र यात्राधाम विकास बोर्ड (जीपीवाईवीबी) द्वारा परिक्रमा के दौरान उमड़ने वाले हजारों श्रद्धालुओं को आरामदायक सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए लगभग 10 करोड़ रुपए के खर्च से बड़े पैमाने पर स्थायी व अस्थायी ढाँचागत सुविधाएँ स्थापित की जा रही हैं। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष यानी 2025-26 में परिक्रमा के लिए लगभग 5.41 करोड़ रुपए की लागत से अस्थायी सुविधाएँ मजबूत बनाई जा रही हैं। इनमें अतिरिक्त डोम शेल्टर, मोबाइल टॉयलेट, वॉटर स्टेशन, मेडिकल यूनिट, 24 X 7 एम्बुलेंस, लाइटिंग तथा इमर्जेंसी हेल्प पॉइंट, विशाल वॉटरप्रफू डोम शेल्टर में यात्रियों के लिए चारपाई, गद्दे, तकिये, कुर्सी तथा बेडशीट से युक्त बैठक व विश्राम की व्यवस्था रहेगी। इसके साथ; स्नानगृह, चेंजिंग रूम व क्लोक रूम की व्यवस्था की जा रही है, जिससे श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो। परिक्रमा मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुगमता के लिए सेवा केन्द्रों व दुकानों की व्यवस्था की जा रही है। * स्वच्छता, स्वास्थ्य एवं प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता यात्राधाम बोर्ड द्वारा परिक्रमा क्षेत्र को स्वच्छ एवं स्वास्थ्यप्रद रखने की विशेष व्यवस्था की गई है। महिला-पुरुष के लिए अलग अस्थायी शौचालय, मोबाइल टॉयलेट वैन तथा स्नान सुविधाएँ उपलब्ध रहेंगी। निर्बाध जलापूर्ति, ड्रैनज तथा कूड़ा निकासी की सुनियोजित व्यवस्थाएँ की गई हैं। एक महीने की परिक्रमा के दौरान हाउसकीपिंग टीमें अनेक शिफ्टों में कार्यरत रहेंगी, जिससे परिक्रमा क्षेत्र स्वच्छ व सुव्यवस्थित रहे। * सुरक्षा तथा आधुनिक टेक्नोलॉजी के साथ क्राउड मैनेजमेंट लाखों श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत बनाई गई है। पुलिस बूथ, सुरक्षा केबिन तथा वॉच टावर खड़े किए जा रहे हैं। प्रशिक्षित सुरक्षा कर्मचारी अनेक शिफ्टों में सतत ड्यूटी पर रहेंगे। भीड़ नियंत्रित करने के लिए विभिन्न प्रकार की बैरिकेडिंग व्यवस्था तथा इन्फ्रारेड (आईआर) एवं रेडियो फ्रिक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (आरएफआईडी) आधारित हेड काउंट सिस्टम द्वारा श्रद्धालुओं के आवागमन पर आधुनिक टेक्नोलॉजी द्वारा नजर रखी जाएगी। * लाइटिंग, कम्युनिकेशन तथा सर्वेलांस की आधुनिक सुविधाएँ परिक्रमा मार्ग तथा सभी घाटों को प्रकाशित करने के लिए व्यापक लाइटिंग व्यवस्था की जा रही है। समग्र परिक्रमा मार्ग पर एलईडी व फ्लड लाइट लगाई जाएंगी, जिससे रात के समय यात्रियों को सुरक्षि व स्पष्ट मार्ग मिले। सार्वजनिक उद्घोषणाओं के लिए साउंड सिस्टम, वायरलेस कम्युनिकेशन तथा सीसीटीवी सर्वेलांस की व्यवस्था रहेगी। टेक्निकल ऑपरेटर समग्र क्षेत्र में निरंतर नजर रखेंगे। * अब स्थायी सुविधाओं पर बल : 5.07 करोड़ रुपए की लागत से परमानेंट इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार राज्य सरकार के सहयोग से यात्राधाम बोर्ड अब नर्मदा परिक्रमार्थियों के लिए धीरे-धीरे स्थायी सुविधाओं पर विशेष ध्यान केन्द्रित कर रहा है। अब तक 5.07 करोड़ रुपए की लागत से स्थायी सुविधाओं के विकास कार्य पूरे किए गए हैं, जो परिक्रमार्थियों के लिए स्थायी राहत का आधार बनेंगे। इनमें (1) श्री मढी देवस्थान में लगभग 99.68 लाख रुपए की लागत से पेवर ब्लॉक पाथवे, सुविधा केन्द्र, पीने के पानी की बड़ी टंकी, सोलर लाइट तथा शौचालय ब्लॉक (2) श्री सिद्धटेकरी राम कुंड में 226.93 लाख रुपए के कार्यों के अंतर्गत रिटेनिंग वॉल, परिक्रमार्थी सुविधा केन्द्र, शौचालय, पेयजल, यात्री निवास का नवीनीकरण, शेड, इलेक्ट्रिफिकेशन, बोरवेल, सोलर लाइट तथा ड्रैनेज सिस्टम का निर्माण और (3) श्री बलबला कुंड में अनुमानित 149.87 लाख रुपए की लागत से परिक्रमार्थी सुविधा केन्द्र, शौचालय, पेयजल, इलेक्ट्रिफिकेशन तथा पाथवे जैसी सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं। इस प्रकार; गुजरात सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व तथा उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी के दिशानिर्देश में राज्य की सांस्कृतिक-सनातन परंपराओं को अधिक से अधिक प्रोत्साहन दे रही है। सतीश/16 मार्च