राज्य
10-Dec-2025
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- छत्तीसगढ़ की प्रतिभा को मिला उचित सम्मान रायपुर (ईएमएस)। प्रांतीय समाज गौरव विकास समिति, रायपुर (छत्तीसगढ़) द्वारा आयोजित त्रयोदश राज्य स्तरीय सामाजिक प्रतिभा सम्मान समारोह में इस वर्ष प्रशासनिक सेवाओं के क्षेत्र का गौरव बढ़ाने वाले वरिष्ठ अधिकारी धनंजय राठौर को सामाजिक समरसता सम्मान से अलंकृत किया गया। समाज, प्रशासन और सांस्कृतिक क्षेत्र में लंबे समय से दिए उनके योगदान को ध्यान में रखते हुए यह सम्मान प्रदान किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल, तथा विशिष्ट अतिथि नोहर राम साहू, सेवानिवृत्त अपर कलेक्टर रायपुर, उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संयोजन समिति अध्यक्ष डॉ. सुखदेव राम साहू सरस ने किया। मुख्य अतिथि डॉ. चंदेल ने कहा कि “छत्तीसगढ़ की धरती प्रतिभाओं से भरी है, लेकिन यहां के लोग प्रचार-प्रसार से दूर रहकर अपने कार्य को समर्पित भाव से करते हैं। उन्होंने कहा कि श्री राठौर न केवल प्रशासनिक दक्षता बल्कि इतिहास, संस्कृति और साहित्यिक गतिविधियों में भी अद्वितीय योगदान देते आए हैं, जो उन्हें विशेष बनाता है। विशिष्ट अतिथि नोहर राम साहू ने कहा कि धनंजय राठौर ने छत्तीसगढ़ की संस्कृति, आदिवासी परंपराओं और उनकी विशिष्टताओं को सुरक्षित रखने तथा उन्हें आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। समाज के कमजोर वर्गों, निर्धन कन्याओं व प्रतिभाशाली लेकिन संसाधनहीन युवाओं को प्रोत्साहित करने का उनका कार्य अनुकरणीय है। 1 जुलाई 1965 को जांजगीर में जन्मे धनंजय राठौर बहुआयामी शिक्षा और शोध प्रवृत्ति के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने इतिहास, दर्शनशास्त्र, समाजशास्त्र में एम.ए. किया है, साथ ही डिप्लोमा इन टूरिज्म, बी.जे.एम.सी., एम.फिल. और इतिहास लेखन व शोध संस्थान से विशेष प्रशिक्षण भी प्राप्त किया है। राज्य सूचना आयोग में रहते हुए वे लगातार सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 में प्रशिक्षण प्रदान करते रहे हैं और इस विषय पर उल्लेखनीय कार्य किया है। आदिवासी विकास, संस्कृति और समाज विषयों पर उनके कई रिसर्च पेपर प्रकाशित हुए हैं। राठौर के प्रशासनिक जीवन में कई उल्लेखनीय पड़ाव रहे हैं। दिल्ली में गणतंत्र दिवस पर छत्तीसगढ़ राज्य की झांकी का नेतृत्व करते हुए वे तीन बार विजेता टीम के सदस्य रहे। छह अवसरों पर प्रधानमंत्री के छत्तीसगढ़ आगमन पर राज्य स्तरीय मीडिया प्रभारी अधिकारी के रूप में महत्वपूर्ण दायित्व निभाया। विभिन्न जिलों में पदस्थ रहते हुए भोरमदेव महोत्सव, रायगढ़ की विकास पुस्तिका, राजनांदगांव जिला निर्माण के चार दशक तथा राज्य सूचना आयोग के महत्वपूर्ण निर्णयों का एकीकृत प्रकाशन जैसे प्रभावशाली कार्य उनके खाते में दर्ज हैं। इतिहास और समाज विषयक 19 शोध लेख तथा जनसूचना अधिकारियों के लिए मार्गदर्शी सामग्री निर्माण उनके ज्ञान और शोध-रुझान का प्रमाण हैं। राठौर समाज के निर्धन, प्रतिभाशाली और जरूरतमंद लोगों को सहयोग देने में सदैव अग्रणी रहे हैं। निर्धन कन्याओं के विवाह, कमजोर वर्ग के बच्चों की शिक्षा तथा सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के उनके कार्य विशेष रूप से सराहे गए हैं। - सम्मान समारोह में अलंकरण समारोह में उन्हें शाल, प्रशस्ति-पत्र और स्मृति-चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। समिति ने कहा कि धनंजय राठौर का व्यक्तित्व प्रशासनिक दक्षता, सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक संवेदना का संगम है, जो नए पीढ़ी के अधिकारियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। राठौर का यह सम्मान न केवल उनकी उपलब्धियों का गौरव है, बल्कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति, प्रशासन और समाज सेवा में उनके सतत योगदान की सुंदर पहचान भी है।