अंतर्राष्ट्रीय
22-Jan-2026


मॉस्को(ईएमएस)। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति के पटल पर एक बेहद महत्वपूर्ण और चौंकाने वाला कूटनीतिक प्रस्ताव पेश किया है। पुतिन ने सुझाव दिया है कि अमेरिका द्वारा फ्रीज यानी जब्त की गई रूसी संपत्ति का उपयोग यूक्रेन के युद्ध प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्निर्माण के लिए किया जा सकता है। इसके साथ ही, उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के महत्वाकांक्षी बोर्ड ऑफ पीस के लिए भी एक बड़ी राशि देने की पेशकश की है। पुतिन के इस कदम को वैश्विक मंच पर तनाव कम करने और अमेरिका के नए प्रशासन के साथ संबंधों को एक नई दिशा देने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। रूसी राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया है कि वह अमेरिका में जब्त किए गए रूसी फंड में से 1 अरब डॉलर डोनाल्ड ट्रंप के प्रस्तावित बोर्ड ऑफ पीस को देने के लिए तैयार हैं। यह विशेष फंड ट्रंप की उस योजना का हिस्सा बनने के लिए प्रस्तावित है, जिसका प्राथमिक उद्देश्य गाजा क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करना है। गौरतलब है कि डोनाल्ड ट्रंप ने इस बोर्ड की स्थायी सदस्यता के लिए इच्छुक देशों से कम से कम 1 अरब डॉलर के योगदान की मांग की है। पुतिन ने रूस की सुरक्षा परिषद की बैठक के दौरान अपने इस इरादे को साझा करते हुए कहा कि फिलिस्तीनी लोगों के साथ रूस के ऐतिहासिक और विशेष संबंधों को देखते हुए, वह पिछली अमेरिकी सरकार द्वारा जब्त की गई रूसी संपत्ति से यह राशि पीस काउंसिल को हस्तांतरित कर सकते हैं। इस संभावित दान और शांति प्रयासों पर चर्चा के लिए पुतिन फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास से भी मुलाकात करने वाले हैं। यूक्रेन के संदर्भ में पुतिन ने पुनर्निर्माण के लिए सहयोग की बात तो कही है, लेकिन इसके साथ एक अनिवार्य शर्त भी जोड़ दी है। पुतिन के अनुसार, अमेरिका में बची हुई शेष जब्त रूसी राशि का उपयोग उन क्षेत्रों को फिर से बसाने और बनाने में तभी किया जा सकता है, जब यूक्रेन और रूस के बीच एक औपचारिक शांति समझौता पूरी तरह संपन्न हो जाए। इस प्रस्ताव की बारीकियों पर चर्चा करने के लिए मास्को में एक उच्च स्तरीय बैठक की योजना बनाई गई है, जिसमें पुतिन डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूतों—स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर के साथ विस्तार से संवाद करेंगे। पुतिन का दावा है कि इस प्रस्ताव के विभिन्न पहलुओं पर अमेरिका के साथ पहले भी अनौपचारिक चर्चा हो चुकी है। यह प्रस्ताव एक ऐसे संवेदनशील समय में आया है जब रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष अपने पांचवें वर्ष में प्रवेश करने की दहलीज पर है। मौजूदा स्थिति बेहद जटिल है, क्योंकि एक तरफ रूस ने यूक्रेन के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमले तेज कर दिए हैं, वहीं दूसरी तरफ शांति वार्ता की मेज पर रूस इस बात पर अड़ा है कि यूक्रेन को अपनी कुछ जमीन का त्याग करना होगा। अब देखना यह होगा कि अमेरिका का नया प्रशासन और अंतरराष्ट्रीय समुदाय पुतिन के इस प्रस्ताव को किस नजरिए से देखता है। वीरेंद्र/ईएमएस/22जनवरी2026