राष्ट्रीय
24-Jan-2026
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नई दिल्ली(ईएमएस)। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली ने नवाचार और अनुसंधान (रिसर्च) के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी शुरुआत की है। संस्थान ने अपने युवा और होनहार प्रोफेसरों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं और वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए दीपक राघवन फैमिली फाउंडेशन एक्सेलरेटर प्रोग्राम लॉन्च किया है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य 45 वर्ष या उससे कम उम्र के शिक्षकों को संसाधन उपलब्ध कराकर उन्हें अकादमिक लीडर के रूप में तैयार करना है। इस नई योजना के तहत चयनित युवा शिक्षकों को पांच साल की अवधि के लिए एंडोव्ड चेयर प्रोफेसर नियुक्त किया जाएगा। इस दौरान उन्हें न केवल अतिरिक्त फंड मिलेगा, बल्कि एक समर्पित रिसर्च स्टाफ और आवश्यक आधुनिक संसाधन भी मुहैया कराए जाएंगे। आईआईटी दिल्ली के अनुसार, इस फंड की सबसे बड़ी विशेषता इसकी लचीली नीति (फ्लेक्सिबिलिटी) है। प्रोफेसर इस राशि का उपयोग अपनी आवश्यकतानुसार नई मशीनें खरीदने, हाई-एंड सॉफ्टवेयर लेने, प्रयोगशाला परीक्षण करने, फील्ड वर्क करने या प्रोटोटाइप विकसित करने के लिए कर सकते हैं। इसके साथ ही, इस फंड से पोस्ट-डॉक्टरल रिसर्चर्स की नियुक्ति भी की जा सकेगी। संस्थान का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि फैकल्टी अपनी अकादमिक जिम्मेदारियों को निभाते हुए बिना किसी वित्तीय रुकावट के अपनी शोध परियोजनाओं को आगे बढ़ा सकें। इस पहल के अंतर्गत रिसर्च को केवल कागजों तक सीमित न रखकर उसे व्यावहारिक बनाने पर जोर दिया जाएगा। इसके लिए इंडस्ट्री और अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ मिलकर काम करने को प्रोत्साहित किया जाएगा, ताकि रिसर्च का सीधा लाभ समाज को मिले, नए पेटेंट दर्ज हों और भविष्य की तकनीकों का निर्माण हो सके।योजना के तहत शैक्षणिक सहयोग को भी मजबूती दी गई है। इसमें हर पांच साल में एक पूरी तरह से फंडेड पीएचडी फेलोशिप प्रदान की जाएगी। ये पीएचडी छात्र संबंधित चेयर प्रोफेसर के मार्गदर्शन में काम करेंगे और उन्हें भारत के साथ-साथ विदेशों में आयोजित होने वाली महत्वपूर्ण कॉन्फ्रेंस में भाग लेने का अवसर मिलेगा। इससे छात्रों और प्रोफेसरों दोनों को अंतरराष्ट्रीय अनुभव प्राप्त होगा और वैश्विक नेटवर्क बनाने में मदद मिलेगी। आईआईटी दिल्ली के निदेशक प्रो. रंगन बनर्जी ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि संस्थान में देश के सबसे बेहतरीन शोधकर्ता मौजूद हैं। ऐसे कार्यक्रम उन्हें और भी बेहतर करने की प्रेरणा देते हैं, जिससे भारत अनुसंधान और नवाचार में अपनी वैश्विक स्थिति मजबूत कर सकेगा। यह कार्यक्रम डॉ. दीपक राघवन और आईआईटी दिल्ली एंडोमेंट मैनेजमेंट फाउंडेशन की एक साझा सोच का परिणाम है, जो शिक्षा और शोध को लंबे समय तक आत्मनिर्भर और शक्तिशाली बनाना चाहते हैं। यह कदम भविष्य में वास्तविक दुनिया की समस्याओं के वैज्ञानिक समाधान खोजने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। वीरेंद्र/ईएमएस/24जनवरी2026 -----------------------------------