राष्ट्रीय
24-Jan-2026
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मंदिर के पूर्व अध्यक्ष ने कमेटी के अध्यक्ष और सचिव को भेजा कानूनी नोटिस मथुरा,(ईएमएस)। वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में चांदी की नई चौखट को लेकर छिड़ा विवाद अब चर्चा का विषय बन गया है। कानूनी नोटिस और परंपराओं की दुहाई के बीच, मंदिर की हाई पावर्ड कमेटी ने वसंत पंचमी पर प्रस्तावित देहरी पूजन के अपने कार्यक्रम से कदम पीछे खींच लिए। शुक्रवार सुबह मंदिर में पूजन नहीं हुआ, जिसे लेकर मंदिर परिसर और श्रद्धालुओं के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरु हो गई। बता दें एक श्रद्धालु ने मंदिर के गर्भगृह के मुख्य द्वार के लिए करीब 10.5 किलो चांदी की देहरी भेंट की थी। 19 जनवरी को हुई कमेटी की 10वीं बैठक में अध्यक्ष अशोक कुमार ने सार्वजनिक रूप से घोषणा की थी कि वसंत पंचमी पर सुबह 8:30 बजे कमेटी के पदाधिकारी और सदस्य इस नई देहरी का विधि-विधान से पूजन करेंगे। इस घोषणा के बाद मंदिर के पूर्व अध्यक्ष गौरव गोस्वामी के वकील संकल्प गोस्वामी ने कमेटी के अध्यक्ष और सचिव को कानूनी नोटिस भेज दिया। नोटिस में तर्क दिया गया कि देहरी पूजन हरिदासी संप्रदाय की एक नितांत पारंपरिक और आध्यात्मिक पूजा पद्धति है। इसे केवल उसी संप्रदाय के सदस्य या विशेष दीक्षित भक्त ही कर सकते हैं। गैर-संप्रदाय के सदस्यों द्वारा पूजन करना मंदिर की सदियों पुरानी परंपराओं के खिलाफ है। साथ ही यह सवाल भी उठाया गया कि जब कमेटी ने आम भक्तों के लिए पूजन पर रोक लगा रखी है, तो सदस्य खुद यह विशेषाधिकार कैसे ले सकते हैं। नोटिस का असर शुक्रवार को दिखा। प्रस्तावित समय पर कोई भी पूजन नहीं हुआ। विवाद को बढ़ता देख कमेटी के सदस्य और मंदिर सेवायत दिनेश गोस्वामी ने कहा कि समिति का ऐसा कोई कार्यक्रम तय ही नहीं था। हालांकि, चर्चा है कि कानूनी पचड़े और सेवायतों के विरोध के डर से कमेटी ने हाथ पीछे खींच लिए। रिपोर्ट के मुताबिक नई देहरी लगाने के दौरान एक अद्भुत वाकया भी सामने आया। जब गर्भगृह की पुरानी चौखट हटाई गई, तो वहां एक के ऊपर एक दबी हुई 5 पुरानी देहरियां मिलीं। इनमें 4 चांदी की और एक गिलट की है। मंदिर प्रबंधन ने इन ऐतिहासिक देहरियों को सुरक्षित रखने के लिए बैंक लॉकर में जमा कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। फिलहाल मंदिर में नई चांदी की देहरी तो चमक रही है, लेकिन इसके पूजन को लेकर विवाद शांत होता नहीं दिख रहा है। सिराज/ईएमएस 24जनवरी26