टीएमसी से निष्कासित विधायक हुमायूं कबीर ने बीजेपी के सामने रखी शर्त कोलकाता,(ईएमएस)। पश्चिम बंगाल में बाबरी मस्जिद के शिलान्यास के बाद देश भर की सुर्खियों में आए टीएमसी से निष्कासित विधायक हुमायूं कबीर ने बीजेपी से गठबंधन करने की शर्त रखी है। कबीर का कहना है कि अगर उन्हें भरोसा दिलाया जाए कि वह मुख्यमंत्री बनेंगे तो वह गठबंधन करने को तैयार हैं। बता दें पिछले साल के आखिर में टीएमसी के सस्पेंड होने के बाद कबीर ने नई पार्टी का गठन किया था। उन्होंने इस पार्टी का नाम जनता उन्नयन पार्टी (जेयूपी) रखा है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक विधायक हुमायूं कबीर ने कहा है कि अगर उन्हें मुख्यमंत्री उम्मीदवार बनाया जाता है तो वह बीजेपी के साथ गठबंधन करने को तैयार हैं। साथ ही उन्होंने कांग्रेस, सीपीआई-एम और आईएसएफ के साथ भी गठबंधन का आह्वान किया है। हालांकि उन्होंने अभी तक इस पर कोई जवाब नहीं दिया है। कबीर ने कहा कि अगर मुझे 100 सीटें मिलती हैं और बीजेपी को 90, तो मुख्यमंत्री कौन बनेगा? कबीर ने बिहार में नीतीश कुमार के सीएम बनने का उदाहरण दिया। कबीर के इस बयान पर टीएमसी नेताओं ने कहा कि वे हमेशा से कहते रहे हैं कि कबीर बीजेपी की बी-टीम के तौर पर काम कर रहे थे। कबीर की टिप्पणियों पर जवाब देते हुए बीजेपी नेता जगन्नाथ चट्टोपाध्याय ने कहा कि पार्टी कभी भी एक सांप्रदायिक नेता के साथ गठबंधन नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि यह अच्छा है कि अल्पसंख्यकों को बीजेपी पर भरोसा है। दिसंबर के आखिरी हफ्ते में कबीर ने अपनी खुद की पार्टी जनता उन्नयन पार्टी बनाने की घोषणा की और 2026 के विधानसभा चुनावों के लिए कई उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की। पश्चिम बंगाल में मार्च-अप्रैल में विधानसभा चुनाव होने की उम्मीद है। सिराज/ईएमएस 24जनवरी26 ----------------------------------