मुंबई, (ईएमएस)। वाहन चालकों के लिए ज़रूरी खबर ये है कि अब मोटर वाहन अधिनियम में अब संशोधन किया गया है। दरअसल सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए केंद्रीय मोटर वाहन नियम 2026 में बदलाव किए गए हैं। इन नए नियमों को 1 जनवरी से लागू किया गया है। ये नए नियम और भी सख्त हो गए हैं। मोटर वाहन नियम 2026 के अनुसार, अगर कोई वाहन एक साल के अंदर ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करता है, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। अगर आप पांच बार नियम तोड़ते हैं, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। वाहनों को फिटनेस सर्टिफिकेट, लोन, परमिट या एनओसी नहीं मिलेगा। इसके साथ ही, आप अपने वाहन का रिन्यूअल या बिक्री नहीं कर पाएंगे। ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने के तीन दिनों के अंदर ई-चालान भेजा जाएगा। इसके बाद, चालान पर आपत्ति उठाने या जुर्माना भरने के लिए 45 दिन का समय दिया जाएगा। अतिरिक्त 30 दिन भी दिए जाएंगे। इस बीच, अगर बकाया जुर्माना नहीं भरा जाता है, तो आपके वाहन को परिवहन विभाग के पोर्टल पर ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा। अगर कोई ड्राइवर एक साल में पांच बार नियम तोड़ता है, तो उसे आदतन अपराधी माना जाएगा। उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। दूसरी ओर, अधिकारियों द्वारा चालान पर आपत्ति खारिज होने के बाद, वाहन मालिक को कोर्ट जाने का अधिकार है। इसके लिए जुर्माने की रकम का 50 प्रतिशत देना होगा। नए केंद्रीय मोटर वाहन नियमों में, अगर किसी वाहन पर एक साल में पांच बार जुर्माना लगता है, तो ड्राइवर का लाइसेंस कैंसिल किया जा सकता है। इस बीच, जब तक आप जुर्माने की रकम नहीं भरते, तब तक वाहन की बिक्री, रिन्यूअल या फिटनेस सर्टिफिकेट जैसी कोई कार्रवाई संभव नहीं होगी। स्वेता/संतोष झा- २४ जनवरी/२०२६/ईएमएस