क्षेत्रीय
13-Feb-2026


बढ़ रही थकान और असंतोष, परिवार को नहीं दे पा रहे समय छिंदवाड़ा जबलपुर (ईएमएस)। जिले में तैनात पुलिसकर्मियों को साप्ताहिक अवकाश नहीं मिल पाने की समस्या लगातार गहराती जा रही है। लंबे समय से बिना नियमित छुट्टी के ड्यूटी कर रहे जवानों में शारीरिक और मानसिक थकान बढ़ती दिख रही है। कई पुलिसकर्मियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि लगातार 10 से 15 दिनों तक बिना अवकाश काम करना पड़ रहा है, जिससे पारिवारिक जीवन भी प्रभावित हो रहा है। पुलिस विभाग में कानून-व्यवस्था, वीआईपी ड्यूटी, त्योहारों और विशेष अभियानों के कारण कार्यभार लगातार बढ़ा है। ऐसे में थानों और चौकियों पर तैनात स्टाफ को रोजाना 12 से 14 घंटे तक ड्यूटी करनी पड़ रही है। साप्ताहिक अवकाश का प्रावधान होने के बावजूद जमीनी स्तर पर उसका पालन नहीं हो पा रहा है। गौरतलब है कि वर्ष २०१९ में कांग्रेस सरकार ने पुलिसकर्मियों को सप्ताहिक अवकाश देने की घोषणा की थी। इस पर कुछ दिन अमल हुआ फिर अचानक ही अवकाश देना बंद हो गया। एक बार फिर सरकार बदलने पर अवकाश की घोषणा की गई, लेकिन यह घोषणा भी अमल में नहीं लाई गई। परिवार से दूरी, तनाव में इजाफा कई पुलिसकर्मियों का कहना है कि नियमित अवकाश न मिलने से वे परिवार को समय नहीं दे पा रहे। बच्चों की पढ़ाई, बुजुर्गों की देखभाल और सामाजिक जिम्मेदारियों पर असर पड़ रहा है। मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि लगातार काम का दबाव तनाव, चिड़चिड़ापन और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ा सकता है। क्या कहते हैं पुलिस अधिकारी पुलिस अधिकारियों का कहना है कि स्टाफ की कमी और लगातार बढ़ते दायित्वों के कारण सभी को नियमित अवकाश देना चुनौतीपूर्ण है। हालांकि उनका दावा है कि जहां संभव होता है, वहां रोटेशन के आधार पर छुट्टी देने का प्रयास किया जाता है। ईएमएस / 13/02/2026