आयुक्त के निर्देशों का पालन नहीं कर रहे कार्यपालन यंत्री छिंदवाड़ा जबलपुर (ईएमएस)। जिले में आरईएस विभाग में नियमों की अनदेखी करना और इन्हें तोड़ना-मरोड़ना आम बात हो गई है। एक बार फिर आरईएस विभाग के कार्यपालन यंत्री आयुक्त के निर्देशों का पालन नहीं करने पर विवादों में आ गए हैं। दरअसल मध्यप्रदेश राज्य रोजगार गारंटी परिषद आयुक्त ने अपने निर्देशों में स्पष्ट कहा था कि ग्रामीण यंात्रिकी सेवा में उपयंत्री को सहायक यंत्री मनरेगा का प्रभार दिया जाना हो तो मापदंडों का पालन करना होगा इसके लिए ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के उपयंत्री को प्रभार दिया जा सकता है लेकिन यह प्रभार वरिष्ठता के आधार पर देना होगा मगर जिले में उपयंत्रियों को सहायक यंत्री चेहरा देखकर बनाया जा रहा है नियमों को दरकिनार कर जूनियर उपयंत्रियों को सहायक यंत्री बना दिया गया है जबकि पात्र और सीनियर उपयंत्री खाली बैठे हुए हैं। वरिष्ठता सूची का नहीं हुआ पालन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा वरिष्ठता के अनुसार उपयंत्रियों को सहायक यंत्री के पद पर अस्थायी प्रभार देकर रिक्त पदों को भरा जाना था लेकिन छिंदवाड़ा जिले में वरिष्ठता सूची से संबंधित कोई नियम का पालन नहीं हुआ जबकि नियमानुसार आदेश जारी करने के पहले जिले में पदस्थ उपयंत्रियों की वरिष्ठता कार्यपालन यंत्रियों द्वारा वरिष्ठता सूची के आधार पर फिर से सुनिश्चित करनी थी इसके बाद प्रभार देना था। सूत्रों की माने तो मोटी कमाई करके देने वाले कुछ उपयंत्रियों पर साहब ने जमकर मेहरबानी दिखाई है। ये सीनियर बैठे हैं अब भी खाली मिली जानकारी के मुताबिक ग्रामीण यंात्रिकी सेवा विभाग में कई उपयंत्री ऐसे हैं जो सीनियर है लेकिन इनकी जगह जूनियरों को प्रभार दे दिया गया है। इसमें नीलेश साखरे, शिखा राय, प्रीति चिले, मनीषा पंद्रे सहित अन्य नाम शामिल हैं जबकि बिछुआ में जूनियर उपयंत्री प्रतीक राव अतुलकर, अमरवाड़ा में नितिन मुकेश बम्हने और हर्रई में नरेंद्र अहरवार को सहायक यंत्री का प्रभार नियम विरूद्ध तरीके से दे दिया गया है। ईएमएस / 13/02/2026