:: मेक म्यूजिक और सुर अंजलि की अनूठी पहल : अश्लीलता मुक्त पारिवारिक मंच के लिए रसिक श्रोताओं ने लिया संकल्प :: इंदौर (ईएमएस)। स्वच्छता के क्षेत्र में देश का सिरमौर इंदौर अब स्वच्छ संगीत की दिशा में एक नई क्रांति का गवाह बन रहा है। संस्था मेक म्यूजिक और सुर अंजलि के साझा प्रयासों से गुरुवार शाम साउथ तुकोगंज स्थित जाल सभागृह में “स्वच्छ इंदौर, स्वच्छ संगीत” अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया गया। आम संगीत प्रेमियों के लिए आयोजित “दिल है कि मानता नहीं” संगीत संध्या में शहर के प्रबुद्ध नागरिकों ने एक स्वर में संगीत की सांस्कृतिक गरिमा को अक्षुण्ण रखने का संकल्प लिया। मेक म्यूजिक के संस्थापक और वरिष्ठ संगीतकार राजीव रॉय ने अपने स्वागत उद्बोधन में कहा कि आज के दौर में बढ़ती व्यावसायिकता और शोर-शराबे के बीच संगीत की मूल आत्मा खोती जा रही है। उन्होंने कहा, हमारा उद्देश्य एक ऐसा मंच बनाना है जहाँ परिवार के सभी सदस्य साथ बैठकर शालीन और संस्कारपूर्ण संगीत का आनंद ले सकें। उन्होंने संगीत के क्षेत्र में व्याप्त विद्रूपताओं को दूर कर इसे सकारात्मक ऊर्जा और स्वस्थ पारिवारिक वातावरण से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया। :: 36 सदाबहार गीतों से जीवंत हुई महफिल :: मुख्य अतिथि मीरा निगम और कार्यक्रम अध्यक्ष प्रवीण खारीवाल (अध्यक्ष, स्टेट प्रेस क्लब) के सान्निध्य में करीब चार घंटे तक चली इस महफिल में 14 गायकों ने 3 दर्जन से अधिक कालजयी गीतों की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। अर्चना भास्कर के ‘सलोना सा साजन...’ से शुरू हुए सफर को हरि पी. श्रीवास्तव, कल्पना साकेत, डॉ. कीर्ति चतुर्वेदी और राजेंद्र कुलकर्णी जैसे कलाकारों ने ऊंचाइयों पर पहुँचाया। ‘आपकी आँखों में कुछ’, ‘रात अकेली है’ और ‘वादा कर ले’ जैसे गीतों ने श्रोताओं को पुराने स्वर्ण युग की याद दिला दी। इस अवसर पर राजीव रॉय ने गिटार पर विशेष मेडले प्रस्तुत कर दर्शकों की खूब वाहवाही लूटी। संगीत संयोजन गुड्डू मिश्रा ने संभाला और संचालन अलका सैनी द्वारा किया गया। अंत में वसुंधरा पाठक ने आभार माना। आयोजन के दौरान ही स्वच्छ संगीत अभियान से जुड़ने के लिए निशुल्क सदस्यता की शुरुआत की गई, जिसे संगीत प्रेमियों ने हाथों-हाथ लिया। श्रोताओं ने इस पहल को इंदौर की कला-संस्कृति के संरक्षण हेतु एक मील का पत्थर बताया। प्रकाश/13 फरवरी 2026