राज्य
13-Feb-2026
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:: गुप्तकालीन स्वर्ण मुद्राओं से लेकर मुगलकालीन सिक्कों तक का सफर; आज होगा दुर्लभ मुद्राओं का विराज ऑक्शन :: इंदौर (ईएमएस)। इतिहास की परतों को सिक्कों और नोटों के माध्यम से उकेरने वाले तीन दिवसीय ‘मनी मेला-09’ का शुक्रवार को गांधी हॉल में शानदार शुभारंभ हुआ। इंदौर मुद्रा शोध न्यास एवं राष्ट्रीय मुद्रा परिषद के तत्वावधान में आयोजित इस मेले में गुप्तकाल, मुगलकाल और ब्रिटिश शासन सहित प्राचीन भारत की दुर्लभ मुद्राओं का प्रदर्शन किया जा रहा है। उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि अमेरिका से आए सुप्रसिद्ध लेखक एवं मुद्रा संग्राहक संजीव कुमार शिवली (लेखक: स्वर्ण युग के सिक्के) रहे। उन्होंने कहा कि मुद्राएं केवल विनिमय का साधन नहीं, बल्कि तत्कालीन संस्कृति और सभ्यता का जीवंत दस्तावेज हैं। कार्यक्रम में अश्विनी शोध संस्थान के डॉ. रामचंद्र ठाकुर और सेवानिवृत्त उपसंचालक प्रकाश परांजपे ने दीप प्रज्ज्वलित कर मेले का आगाज किया। इस अवसर पर 11 प्रमुख मुद्रा संग्राहकों का सम्मान भी किया गया। :: मेले के मुख्य आकर्षण :: - वैश्विक मुद्राएं : नागपुर के एक संग्राहक द्वारा दुनिया के 226 देशों के करेंसी नोट प्रदर्शित किए गए हैं। - दुर्लभ नोट : आरबीआई द्वारा 1925 से अब तक जारी 1 रू. से लेकर 10,000 रू. तक के नोटों का अद्भुत संग्रह यहाँ मौजूद है। - ऐतिहासिक वस्तुएं : 250 वर्ष प्राचीन जैन ग्रंथ ‘भक्ताम्बर स्त्रोत’, प्राचीन ताले, डाक टिकट, और रियासतकालीन (होलकर, ग्वालियर, देवास) सिक्कों का भंडार दर्शकों को आकर्षित कर रहा है। - विशिष्ट आवरण : आरएसएस शताब्दी वर्ष और संयुक्त राष्ट्र संघ के विशेष प्रसंगों पर आधारित सिक्के भी आकर्षण का केंद्र हैं। :: आज होगा अनमोल सिक्कों का ऑक्शन :: मेले के दूसरे दिन, 14 फरवरी को विराज ऑक्शंस के माध्यम से दुर्लभ सिक्कों की नीलामी होगी। इसमें छठी शताब्दी के गांधार महाजनपद, मगध कालीन, मौर्य काल और मालवा सल्तनत की मुद्राओं सहित अहिल्या बाई होलकर के समय के दुर्लभ सिक्कों की बोली लगाई जाएगी। मेले में आम लोगों को मुद्राओं के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी से बचने के लिए जागरूक भी किया जा रहा है। प्रकाश/13 फरवरी 2026