:: 1400 टन वेस्ट से बन रही 15 MW बिजली; पार्षदों ने विशाखापट्टनम नगर निगम के अधिकारियों से की चाय पर चर्चा :: इंदौर (ईएमएस)। स्वच्छता के क्षेत्र में नवाचारों को साझा करने और तकनीकी बारीकियों को समझने के लिए महापौर पुष्यमित्र भार्गव के निर्देशन में इंदौर नगर निगम के 22 पार्षदों का एक दल विशाखापट्टनम (आंध्र प्रदेश) के अध्ययन प्रवास पर पहुँचा। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य विशाखापट्टनम में प्रचलित अपशिष्ट प्रबंधन और जल शोधन तकनीकों का बारीकी से अध्ययन करना है। :: वेस्ट-टू-एनर्जी और एसटीपी प्लांट का अवलोकन :: पार्षद दल ने विशाखापट्टनम के विशाल वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट का निरीक्षण किया। यहाँ पार्षदों ने देखा कि कैसे प्रतिदिन 1400 टन कचरे का वैज्ञानिक निष्पादन कर लगभग 15 मेगावॉट बिजली का उत्पादन किया जा रहा है। इसके साथ ही दल ने 23 एकड़ में फैले एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) का भी दौरा किया और वहां ट्रीटेड जल (उपचारित जल) के औद्योगिक एवं अन्य कार्यों में पुनः उपयोग की प्रक्रिया को समझा। :: अधिकारियों से संवाद और चाय पर चर्चा :: भ्रमण के दौरान पार्षदों ने ग्रेटर विशाखापट्टनम म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ स्वच्छता मॉडल, प्रभावी कचरा प्रबंधन और जन-भागीदारी जैसे विषयों पर गहन चर्चा की। औपचारिक बैठक के बाद एक सौहार्दपूर्ण वातावरण में चाय पर चर्चा का आयोजन किया गया, जहाँ दोनों शहरों के प्रशासनिक अनुभवों को साझा किया गया। इस दौरान इंदौर पार्षद दल द्वारा विशाखापट्टनम निगम कमिश्नर को लोकमाता माँ अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा भेंट कर इंदौर की संस्कृति से परिचित कराया गया। इसके प्रत्युत्तर में निगम कमिश्नर ने इंदौर नगर निगम के लिए भगवान गौतम बुद्ध की प्रतिमा भेंट स्वरूप प्रदान की। इस दौरे को इंदौर के भावी विकास और स्वच्छता स्थिरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रकाश/13 फरवरी 2026