डीजीसीए बोला-डिजिटल फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर का डेटा मिला नई दिल्ली/मुंबई(ईएमएस)। महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम रहे अजित पवार के प्लेन क्रैश की जांच विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) को सौंपी गई है। मंगलवार को नागरिक उड्डयन मंत्रालय (डीजीसीए) ने इसकी जानकारी दी। मंत्रालय ने कहा- 28 जनवरी को महाराष्ट्र के बारामती में लियरजेट-45 (वीटी-एसएसके) विमान क्रैश की जांच एएआईबी कर रहा है। जो दुर्घटना और घटना जांच नियम, 2017 और आईसीएओ एनेक्स-13 के इंटरनेशनल स्टैंडर्ड के तहत की जा रही है। डीजीसीए ने बताया प्लेन में दो फ्लाइट रिकॉर्डर लगे थे, जो हादसे के दौरान लंबे समय तक आग और अत्यधिक गर्मी के संपर्क में रहे। डिजिटल फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (डीएफडीआर) से सफलतापूर्वक डेटा डाउनलोड कर लिया गया है। 2 फरवरी को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के विधायक और अजित पवार के भतीजे रोहित पवार ने आरोप लगाया था कि उनके चाचा की मौत में साजिश हुई है। मामले की एक्सपर्ट एजेंसियां जांच करें। शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने मंगलवार को सवाल अजित पवार के प्लेन क्रैश पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि प्लेन का जला हुआ ब्लैक बॉक्स मिला है, लेकिन ऐसा कैसे हो सकता है। अजित पवार के हादसे के जुड़े रहस्यमयी तथ्य सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि अजित के भतीजे रोहित पवार ने यह मुद्दा उठाया है। उन्हें लगता है कि यह गंभीर मामला है तो उसकी जांच होना चाहिए। इस मामले में राज्य सरकार की मंशा ठीक नहीं है। विनोद उपाध्याय / 17 फरवरी, 2026