व्यापार
18-Feb-2026
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नई दिल्ली (ईएमएस)। कारों के लिए चाइनीज सरकार अब महत्वपूर्ण सेफ्टी फंक्शन्स के लिए फिजिकल स्विच को अनिवार्य बनाने की तैयारी कर रही है। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक यह कदम ड्राइवर की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है। हाल के वर्षों में टेस्ला, बीवायडी और शाओमी जैसी कंपनियों ने क्लीन, मिनिमलिस्ट और स्क्रीन-डॉमिनेटेड केबिन पेश किए हैं, जिनमें फिजिकल कंट्रोल्स बेहद कम होते हैं। कई मॉडल्स में तो इमर्जेंसी में इस्तेमाल होने वाला हैजर्ड लाइट बटन भी टचस्क्रीन पर दिया जा रहा है, जिससे सॉफ्टवेयर-आधारित सिस्टम पर निर्भरता काफी बढ़ गई है। यह प्रवृत्ति ड्राइविंग के दौरान ध्यान भटकने और दुर्घटनाओं की संभावनाओं को बढ़ाती है। प्रस्तावित नियमों के अनुसार चीन का उद्योग और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय अब टर्न सिग्नल, हैजर्ड लाइट, गियर सेलेक्टर और इमर्जेंसी कॉलिंग जैसे फीचर्स के लिए अनिवार्य रूप से अलग और कम से कम 10 मिमी गुणा 10 मिमी आकार वाले फिजिकल बटन्स रखने को बाध्य करेगा। इससे कार निर्माताओं को अपने मॉडल्स का इंटीरियर फिर से डिजाइन करना होगा और टचस्क्रीन कंट्रोल्स को हटा कर पारंपरिक बटन वापिस जोड़ने पड़ेंगे। विशेषज्ञों का कहना है कि ड्राइविंग के दौरान टचस्क्रीन का उपयोग ड्राइवर के रिएक्शन टाइम को बढ़ा देता है, जो हाई-स्पीड ड्राइविंग में खतरनाक साबित होता है। सड़क से पलभर के लिए नजर हटाने से भी लेन में बने रहने की क्षमता प्रभावित होती है और स्टेबिलिटी कम होती है। अगर स्क्रीन धीमी चले या हैंग हो जाए, तो स्थिति और अधिक खतरनाक हो सकती है। इन्हीं जोखिमों को देखते हुए चीन में बड़े बदलाव की तैयारी चल रही है। सरकार चाहती है कि तकनीक का उपयोग बढ़े, लेकिन ड्राइवर और यात्रियों की सुरक्षा किसी भी कीमत पर कम न हो। नए नियम लागू होने पर गाड़ियों में दोबारा से फिजिकल कंट्रोल्स का दौर लौटता दिख सकता है, जिससे ड्राइविंग और यात्राएं अधिक सुरक्षित बन सकेंगी। बता दें कि कार कंपनियों में तेजी से बढ़ रहा टचस्क्रीन-आधारित कंट्रोल्स का ट्रेंड अब सेफ्टी चिंताओं की वजह से सवालों के घेरे में आ गया है। कई नई कारों में एसी, क्लाइमेट कंट्रोल और जरूरी फंक्शन्स के फिजिकल बटन्स लगभग गायब हो चुके हैं। कुछ उपभोक्ताओं को टचस्क्रीन पसंद जरूर आती है, लेकिन सुरक्षा विशेषज्ञ मानते हैं कि फिजिकल बटन ज्यादा सुरक्षित और उपयोग में आसान होते हैं। सुदामा/ईएमएस 18 फरवरी 2026