ग्वालियर ( ईएमएस ) । माधव महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा स्वास्थ्य शिविर एवं मधुमेह जागरूकता व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के के दीक्षित , प्राचार्य डॉ शिव कुमार शर्मा, विशिष्ट अतिथि जिला संगठक डॉ मनोज अवस्थी , वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी डॉ संजय कुमार पांडे , कार्यक्रम अधिकारी डॉ सरिता दीक्षित मंचासीन रहे । कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ के. के. दीक्षित वरिष्ठ समाजसेवी,स्वास्थ्य जागरूकता अभियान से जुड़े एवं पूर्व अध्यक्ष बाल कल्याण समिति ने मधुमेह के कारण, लक्षण, दुष्परिणाम एवं बचाव पर विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि जब पेशाब में शुगर की मात्रा बढ़ने लगे तो वह मधुमेह का संकेत है। उन्होंने कहा कि “जब जीवन में मीठा व्याधि बनकर आता है तो संकट उत्पन्न करता है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल मीठा खाने से मधुमेह नहीं होता, बल्कि यह एक मेटाबॉलिज्म डिसऑर्डर है। माइटोकॉन्ड्रिया का कार्य ग्लूकोज़ को ऊर्जा में परिवर्तित करना है, और जब यह प्रक्रिया प्रभावित होती है तो मधुमेह जन्म लेता है। प्रदूषण, रासायनिक युक्त भोजन, तनाव एवं वंशानुगत कारणों से यह रोग बढ़ता है। टाइप-2 मधुमेह अधिकतर वयस्कों में पाया जाता है, जबकि टाइप-1 बच्चों में तथा गर्भवती महिलाओं में विशेष प्रकार का मधुमेह देखा जाता है। इसके दुष्प्रभावों में रेटिना, किडनी, मस्तिष्क, रक्त वाहिकाओं एवं पैरों की संवेदनाओं पर विपरीत असर पड़ता है। उन्होंने सलाह दी कि प्रो-डायबिटिक व्यक्तियों को वर्ष में कम से कम एक बार जांच अवश्य करानी चाहिए। उपचार एवं बचाव पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि भोजन में सब्जी, दाल एवं सलाद की मात्रा अधिक रखनी चाहिए तथा संतुलित जीवनशैली अपनानी चाहिए। आयुर्वेदिक पद्धति एवं प्राकृतिक जीवनशैली को अपनाकर स्वस्थ जीवन जिया जा सकता है। राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित पुणे शहर के डॉ रविंद्र नांदेड़कर के मधुमेह मुक्त भारत अभियान के लिए उनके योगदान को भी स्मरण किया।छात्रों की जिज्ञासाओं का निवारण किया । कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला संगठन के डॉ. मनोज अवस्थी उपस्थित रहे, जिन्होंने विद्यार्थियों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने का संदेश देते हुए कहा कि हमें प्राचीन परंपरा का पालन करते हुए सूर्योदय से सूर्यास्त तक ही भोजन करने की पद्धति को अपनाना चाहिए । डेयरी प्रोडक्ट एवं एनिमल प्रोडेक्ट ,,फास्ट फूड को नकार कर कच्ची सलाद एवं फलों को प्राथमिकता देनी चाहिए । योग, व्यायाम को दैनिक दिनचर्या में शामिल करके हम बीमारियों से दूरी बना सकते है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य डॉ. शिव कुमार शर्मा ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि नियमित जांच, संतुलित आहार एवं जागरूकता से मधुमेह जैसी गंभीर बीमारी पर नियंत्रण पाया जा सकता है। उन्होंने राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के इस प्रयास की सराहना की। कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सरिता दीक्षित ने तथा आभार वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी डॉ. संजय कुमार पांडे द्वारा किया गया। शिविर में स्वयं सेवको एवं प्राध्यापकगण ने उत्साहपूर्वक मधुमेह की जांच कराई ।