क्षेत्रीय
23-Feb-2026


सिरोंज (ईएमएस)। माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों तथा उच्च शिक्षा विभाग, मध्यप्रदेश के मार्गदर्शन में केडीबीएम महाविद्यालय में छात्र-छात्राओं के मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण विषय पर एक वृहद संवाद एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में बढ़ते मानसिक तनाव, शैक्षणिक दबाव, भावनात्मक असंतुलन तथा सामाजिक चुनौतियों के प्रति जागरूकता बढ़ाना एवं समय रहते संवाद एवं सहयोग की संस्कृति को विकसित करना रहा। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से काउंसलर श्वेता आनन्द त्यागी उपस्थित रहीं। उन्होंने विद्यार्थियों से विस्तारपूर्वक संवाद करते हुए बताया कि आज की प्रतिस्पर्धात्मक जीवनशैली में विद्यार्थियों पर पढ़ाई, करियर, परिवार और समाज की अपेक्षाओं का दबाव लगातार बढ़ रहा है, जिसका सीधा प्रभाव मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य कोई कमजोरी नहीं, बल्कि जीवन का एक महत्वपूर्ण पक्ष है। यदि किसी छात्र को तनाव, घबराहट, असमंजस या भावनात्मक परेशानी महसूस हो रही हो तो उसे छिपाने के बजाय साझा करना चाहिए। समय पर संवाद, मार्गदर्शन और काउंसलिंग से न केवल समस्या कम होती है, बल्कि आत्मविश्वास और निर्णय क्षमता भी मजबूत होती है। कार्यक्रम के दौरान नोडल अधिकारी शांताराम मराठा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए बताया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय एवं उच्च शिक्षा विभाग द्वारा विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जो दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, उनके पालन हेतु महाविद्यालय निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि संस्थान में विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित, सहयोगात्मक एवं सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। किसी भी प्रकार की मानसिक, शैक्षणिक या व्यक्तिगत समस्या होने पर विद्यार्थी निःसंकोच महाविद्यालय प्रशासन एवं निर्धारित अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं। कार्यक्रम में काउंसलर सुजीत कुशवाह भी उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सकारात्मक सोच, अनुशासन और आपसी सहयोग ही मानसिक संतुलन बनाए रखने के प्रमुख आधार हैं। उन्होंने ऐसे संवाद कार्यक्रमों को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत आवश्यक बताते हुए कहा कि इससे छात्र न केवल अपनी समस्याओं को समझ पाते हैं, बल्कि समाधान की दिशा में भी आगे बढ़ते हैं। संवाद सत्र के दौरान विद्यार्थियों ने खुलकर अपने विचार, अनुभव एवं प्रश्न साझा किए। कार्यक्रम का वातावरण अत्यंत सकारात्मक, संवेदनशील एवं सहभागितापूर्ण रहा। विद्यार्थियों ने इस पहल को उपयोगी, मार्गदर्शक एवं आत्मविश्वास बढ़ाने वाला बताया। महाविद्यालय प्रशासन द्वारा यह भी स्पष्ट किया गया कि भविष्य में इस प्रकार के मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम, संवाद सत्र एवं काउंसलिंग गतिविधियाँ नियमित रूप से आयोजित की जाएँगी, ताकि विद्यार्थियों का शैक्षणिक, मानसिक एवं सामाजिक विकास सुनिश्चित किया जा सके। ईएमएस/मोहने/ 23 फरवरी 2026