क्षेत्रीय
23-Feb-2026


लोगों को त्यौहार के मौके पर हो सकती है परेशानी छिंदवाड़ा (ईएमएस)। होली के त्यौहार पर इस साल जिले के लोगोंं को एक से दूसरे शहर में आना-जाना मुश्किल हो सकता है। ठीक होली के मौके पर यात्री बसों की हड़ताल मध्यप्रदेश में हो सकती है। प्रदेश के बस आनर्स ऐसोसिएशन ने इसकी चेतावनी दी है। प्रदेश में नई परिवहन नीति का विरोध करते हुए बस संचालकों ने ऐसा कहा है। पूरे प्रदेश में होने वाली इस हड़ताल का असर छिंदवाड़ा में भी दिखेगा। गत दिवस बस ऑपरेटर्स संगठनों की प्रदेश व्यापी बैठक हुई उसमें यह निर्णय लिया गया। हालांकि हड़ताल से पहले सरकार को उनकी मांगों पर विचार करने और फैसला लेने के लिए एक हफ्ते का समय दिया गया है। संगठनों की दो प्रमुख मांगें हैं यात्री बसों पर लगाए गए टैक्स को वापस लिया जाए और अप्रैल 2026 से लागू की जा रही नई परिवहन नीति को निरस्त की जाए। ऐसा नहीं हुआ तो 2 मार्च से बसों के पहिए रोक दिए जाएंगे। ध्यान रहे होली के त्यौहार पर दूसरे शहरों में बड़ी संख्या में पढ़ रहे विद्यार्थी या बाहर नौकरी कर रहे लोग अपने परिवारों के साथ यह त्यौहार मनाने घर पहुंचते हैं। इस बार 4 मार्च की धुरैड़ी है। 2 मार्च को यदि बसों की हड़ताल शुरू हुई तो लोगों को आवागमन के लिए साधन ही बसें ही उपलब्ध नहीं रहेंगी। निजी यात्री बस आपरेटर्स ने पूरे प्रदेश में हड़ताल की चेतवानी दी है। यदि ऐसा होता है तो छिंदवाड़ा में ही 100 से ज्यादा यात्री बसों का आवागमन प्रभावित हो सकता है। ध्यान रहे त्यौहारों के समय पर जिीले से इंदौर-भोपाल, जबलपुर तरफ एकदम से बसों में ट्राफिक बढ़ जाता है। इन मार्गों पर आने जाने वालों को सीट के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ती है। ऐसे में अगर बसों की हड़ताल हो गई तो बड़ी संख्या में लोगों केा दिक्कतों का सामना करना पउ़ सकता है। इसलिए किया जा रहा है विरोध गौरतलब है प्रदेश सरकार सरकार नई परिवहन नीति से फिर से राज्य परिवहन निगम को चालू करना चाह रही है। सरकार ने 24 दिसंबर 2025 को परिवहन नीति का ड्राफ्ट पेश किया था। उसमें मोटर यान अधिनियम में संशोधन किया जा रहा है। निजी बस आपरेटर्स का कहना है है कि सरकार के पास इसके बाद अधिकार रहेगा कि वो प्राइवेट बस ऑपरेटर के परमिट रद्द कर सकेंगे। सरकार कंपनियां बनाकर निजी बसों को उससे अटैच करने की सोच रही है। इसमें अनुबंध किया जाएगा और आपरेटरों को मेंटेनेंस भी उन्हीं के हिसाब से करना होगा। बस संचालकों का कहना है कि सरकार बस मालिक को बस किराएदार बनाना चाह रही है। पहले हमसे ही बसें किराए से ली जाएंगी और फिर उनमें कमियां निकाल कर बाहर कर दिया जाएगा। ईएमएस/मोहने/ 23 फरवरी 2026