राज्य
23-Feb-2026


:: गोल्डन ऑवर में जीवन बचाने की कवायद; आयुष्मान भारत से संबद्ध सभी अस्पतालों में मिलेगी कैशलेस उपचार की सुविधा :: इंदौर (ईएमएस)। सड़क दुर्घटनाओं में घायल होने वाले व्यक्तियों को तत्काल और बेहतर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इंदौर जिले में पी.एम. राहत योजना (सड़क दुर्घटना पीड़ित सुनिश्चित उपचार) का विधिवत शुभारंभ हो गया है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत दुर्घटना के शिकार व्यक्तियों को गोल्डन ऑवर (दुर्घटना के तुरंत बाद का महत्वपूर्ण समय) के दौरान त्वरित उपचार सुनिश्चित किया जाएगा। प्रावधानों के अनुसार, दुर्घटना की तिथि से सात दिनों के भीतर घायल व्यक्ति को 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस चिकित्सा उपचार प्रदान किया जाएगा, जिससे समय पर इलाज न मिलने के कारण होने वाली जनहानि को रोका जा सके। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिले में आयुष्मान भारत (पीएम-जय) के अंतर्गत संबद्ध सभी निजी और सरकारी अस्पतालों को नामित अस्पताल के रूप में अधिकृत किया गया है। वर्तमान में आयुष्मान योजना से जुड़े अस्पताल इस सुविधा के लिए मुख्य केंद्र होंगे, जबकि प्रशासन द्वारा अन्य निजी अस्पतालों को भी इस योजना के दायरे में लाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। :: गैर-नामित अस्पतालों की भी होगी जिम्मेदारी :: योजना की खास बात यह है कि दुर्घटना पीड़ित को केवल नामित अस्पतालों तक सीमित नहीं रखा गया है। यदि घायल व्यक्ति को किसी ऐसे अस्पताल में ले जाया जाता है जो योजना में शामिल नहीं है, तो भी उस अस्पताल के लिए मरीज का स्थिरीकरण उपचार करना अनिवार्य होगा। प्राथमिक उपचार और मरीज की स्थिति स्थिर होने के बाद उसे आगे के कैशलेस उपचार के लिए नामित अस्पताल में स्थानांतरित किया जा सकेगा। :: क्या है योजना का मुख्य उद्देश्य? प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, अधिकांश सड़क दुर्घटनाओं में शुरुआती एक घंटा (गोल्डन ऑवर) जान बचाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण होता है। अक्सर आर्थिक अभाव या अस्पताल चयन की दुविधा में इलाज में देरी हो जाती है। पी.एम. राहत योजना इस बाधा को दूर कर पीड़ितों को बिना किसी अग्रिम भुगतान के उच्च स्तरीय चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराएगी। जिले के स्वास्थ्य विभाग ने सभी संबद्ध अस्पतालों को इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में योजना का लाभ तत्काल मिल सके। प्रकाश/23 फरवरी 2026