:: इकोक्लब की कार्यशाला में पुराने सामान से बनाई सजावटी वस्तुएं; सतत जीवनशैली और पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश :: इंदौर (ईएमएस)। शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई (जीएलएन) स्नातकोत्तर कन्या महाविद्यालय, किला भवन में पर्यावरण संरक्षण और रचनात्मकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। प्राचार्य डॉ. बी. डी. श्रीवास्तव के संरक्षण और प्रशासनिक अधिकारी डॉ. वी.पी. बैरागी के मार्गदर्शन में इकोक्लब द्वारा बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट विषय पर सतत जीवनशैली कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को कचरे के पुनर्चक्रण (रिसाइकलिंग) के माध्यम से पर्यावरण के प्रति जागरूक करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना रहा। कार्यशाला में विशेषज्ञों ने घरेलू अनुपयोगी वस्तुओं से कलाकृतियां बनाना सिखाया। वाणिज्य विभाग की प्राध्यापक डॉ. अन्तिमबाला शास्त्री ने न्यूज़पेपर से बैग, पुरानी चूड़ियों से फैंसी चूड़ियाँ और जूट से पॉट हैंगिंग व चूड़ी बॉक्स बनाना सिखाया। वहीं डॉ. निधि गुप्ता ने नारियल के खोल का उपयोग कर उसमें पौधे लगाना, पुरानी सीडी से टी-कोस्टर, दीया स्टैंड, झूमर और लिफाफे बनाने का प्रशिक्षण दिया। :: अनुपयोगी वस्तुओं को दिया नया रूप :: कार्यशाला संयोजक और इको क्लब प्रभारी डॉ. पूजा जैन ने छात्राओं को प्लास्टिक की बोतलों से वर्टिकल गार्डन (लटकने वाले गमले), पेनस्टैंड, पुरानी साड़ी से तोरण और कार्डबोर्ड व पेपर स्ट्रॉ से आकर्षक वॉल डेकोर बनाना सिखाया। इसके साथ ही जूते के डिब्बों से सजावटी बॉक्स, की-रिंग होल्डर और पत्थरों पर सूक्ष्म चित्रकारी (स्टोन आर्ट) का व्यावहारिक ज्ञान भी दिया गया। छात्राओं ने इन गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन किया। :: प्रतिभाशाली छात्राओं का हुआ सम्मान :: कार्यशाला के समापन पर श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को पुरस्कृत किया गया। प्रतिभागियों को बैग, सर्टिफिकेट, बैज और कैप प्रदान कर प्रोत्साहित किया गया। डॉ. पूजा जैन ने बताया कि ऐसे आयोजनों से छात्राओं में पर्यावरण को बेहतर बनाने की जिम्मेदारी विकसित होती है। इस अवसर पर प्रो. रितु मथुरिया, डॉ. अमरीश निगम, डॉ. आशीष कपूर और डॉ. फरीदा जोहर सहित बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं। संपूर्ण कार्यक्रम का सफल संचालन इको क्लब की टीम द्वारा किया गया। प्रकाश/23 फरवरी 2026