:: श्रम मंत्री प्रहलाद पटेल की अध्यक्षता में कर्मकार कल्याण मंडल की बैठक; मेधावी बच्चों को उच्च शिक्षा तक मिलेगी छात्रवृत्ति :: इंदौर/भोपाल (ईएमएस)। मध्यप्रदेश के असंगठित क्षेत्र में कार्यरत करोड़ों श्रमिकों के हित में मोहन सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री श्रम श्री स्वास्थ्य अभियान के अंतर्गत अब प्रदेश के असंगठित श्रमिकों का व्यापक स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा और उनका डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड संधारित होगा। इस अभियान में विशेष रूप से 25 वर्ष से कम आयु के बच्चों और 50 वर्ष से अधिक उम्र के श्रमिकों की जांच को प्राथमिकता दी जाएगी। यह महत्वपूर्ण निर्णय सोमवार को भोपाल में श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल की अध्यक्षता में आयोजित मध्यप्रदेश असंगठित शहरी एवं ग्रामीण कर्मकार कल्याण मंडल की चतुर्थ बैठक में लिया गया। बैठक में आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट प्राक्कलन को स्वीकृति प्रदान की गई। श्रम मंत्री ने इस दौरान पंचायतों में संचालित आयुष भवनों का सहयोग लेने के निर्देश दिए। कार्यक्रम में प्रथम श्रमणा सहकारी समिति के सदस्यों का टी-शर्ट और प्रमाण-पत्र प्रदान कर स्वागत किया गया। बैठक में श्रम सचिव रघुराज राजेन्द्रन, मंडल सचिव संजय कुमार और सहायक सचिव दीपा तुली सहित संचालक मंडल के सदस्य उपस्थित रहे। प्रारंभ में संबल बोर्ड के दिवंगत सदस्य ओंकार को मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई। :: स्वरोजगार के लिए एक करोड़ का प्रावधान :: असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मंडल के बजट में श्रमणा योजना के अंतर्गत एक करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान किया गया है। इसके माध्यम से श्रमिक सहकारी समितियां बनाकर स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ा सकेंगे। बैठक में संबल कार्ड के नवीनीकरण के शुल्क और नियोजकों के अंशदान से कल्याण निधि गठित करने के प्रस्ताव पर भी गहन चर्चा हुई। :: बीमा सुरक्षा और शिक्षा पर विशेष जोर :: प्रशासनिक स्तर पर प्रदेश के 1 करोड़ 78 लाख असंगठित श्रमिकों को प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही, श्रमिकों और उनके आश्रितों को रोजगारोन्मुखी कौशल प्रशिक्षण देने पर भी विचार किया गया। शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा निर्णय लेते हुए तय किया गया कि 10वीं की प्रावीण्य सूची (मेरिट) में स्थान पाने वाले श्रमिकों के 100 मेधावी पुत्र-पुत्रियांे को उच्च शिक्षा स्तर तक छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। इसके लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रकाश/23 फरवरी 2026