:: ढीमरखेड़ा सब-स्टेशन और ट्रांसमिशन लाइन का बारीकी से निरीक्षण; स्वदेशी स्काडा तकनीक की कार्यप्रणाली को सराहा :: इंदौर/भोपाल (ईएमएस)। मध्यप्रदेश के ट्रांसमिशन नेटवर्क को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल रही है। जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (जायका) की टीम ने सोमवार को मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) द्वारा संचालित विभिन्न परियोजनाओं का विस्तृत निरीक्षण किया। जायका जापान की इवैल्यूएटर सुश्री हिसाए ताकाहाशी और भारतीय प्रतिनिधि कुनाल गुप्ता ने जायका-2 वित्त पोषित कार्यों की गुणवत्ता, उनकी उपयोगिता और तकनीकी मानकों की बारीकी से जांच-पड़ताल की। निरीक्षण के दौरान टीम ने पाया कि निर्मित बुनियादी ढांचा न केवल तकनीकी रूप से सुदृढ़ है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मापदंडों पर भी खरा उतरता है। टीम ने सर्वप्रथम 132 केवी सब-स्टेशन ढीमरखेड़ा और इससे जुड़ी 132 केवी पनागर-ढीमरखेड़ा ट्रांसमिशन लाइन का गहन अवलोकन किया। सुश्री ताकाहाशी ने परियोजना की प्रारंभिक योजना से लेकर वर्तमान रखरखाव और उपकरणों की गुणवत्ता तक की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने सब-स्टेशन के निर्माण और रखरखाव के स्तर पर संतोष व्यक्त करते हुए इसे एक आदर्श प्रोजेक्ट बताया। :: स्थानीय महिलाओं ने दिया फीडबैक : सुधरी सिंचाई और बिजली आपूर्ति :: परियोजना की जमीनी उपयोगिता जानने के लिए जायका टीम ने स्थानीय नागरिकों, विशेषकर महिलाओं से सीधा संवाद किया। महिलाओं ने फीडबैक देते हुए बताया कि सब-स्टेशन बनने के बाद क्षेत्र में निर्बाध बिजली की आपूर्ति हो रही है। अब सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली उपलब्ध होने से कृषि उत्पादन बढ़ा है, जिससे ग्रामीणों के आर्थिक और सामाजिक स्तर में सकारात्मक बदलाव आया है। टीम ने इस बात की प्रशंसा की कि विदेशी निवेश का लाभ सीधे अंतिम छोर के उपभोक्ताओं तक पहुँच रहा है। :: स्वदेशी स्काडा और एसएलडीसी की कार्यप्रणाली बेमिसाल :: जायका टीम ने एमपी ट्रांसको के स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर (एसएलडीसी) और स्वदेशी तकनीकी से निर्मित स्काडा (SCADA) कंट्रोल सेंटर का भी अवलोकन किया। टीम ने इस बात की सराहना की कि भारतीय इंजीनियरों ने स्वदेशी उपकरणों के माध्यम से बिजली ग्रिड की निगरानी और नियंत्रण का इतना परिष्कृत तंत्र विकसित किया है। :: निरीक्षण के दौरान मौजूद रहे अधिकारी :: इस महत्वपूर्ण निरीक्षण के दौरान एमपी ट्रांसको के मुख्य अभियंता के.एम. सिंघल, अधीक्षण अभियंता आर.सी. शर्मा, कार्यपालन अभियंता ए.पी.एस. चौहान, शशि शेखर, रविराज पटेल और सहायक अभियंता जितेन्द्र तिवारी सहित तकनीकी अमला उपस्थित रहा। अधिकारियों ने जायका टीम को भविष्य की विस्तार योजनाओं और तकनीकी उन्नयन के बारे में भी जानकारी दी। प्रकाश/23 फरवरी 2026