क्षेत्रीय
02-Mar-2026
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- दो तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी सहित 23 के खिलाफ एफआईआर दर्ज - ईओडब्ल्यू जबलपुर ने की कार्यवाही भोपाल(ईएमएस)। ईओडब्ल्यू जबलपुर ने लखनादौन नगर पालिका अधिकारियों के खिलाफ दुकानों के अलॉटमेंट में अनियमितता के आरोप में दो तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी सहित 23 के खिलाफ मामला कायम किया है। इनमें एक महिला (तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी) भी शामिल है। - यह था मामला प्रीमियम रकम लिए बिना ही कर दी दुकानें आवंटित विभाग द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार रविन्दर सिंह आनंद, निवासी आदर्श नगर जबलपुर ने शिकायत करते हुए बताया था की नगर पालिका परिषद लखनादौन जिला सिवनी में सीएमओ एवं अध्यक्ष के द्वारा मिलीभगत कर अपने पद का दुरूपयोग कर शापिंग काम्प्लेक्स में निर्मित दुकानों की नीलामी के बाद दुकानदारों से प्रीमियम भुगतान की पूरी रकम लिए बिना ही दुकाने संबंधितों को सुपुर्द कर एवं आरक्षित वर्ग की दुकानों को भी सामान्य वर्ग के लोगों को आवंटित कर दी गई जिससे शासन को आर्थिक हानि है। - 8 शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में थी 75 दुकानें, 21 दिन में जमा करनी थी 25 प्रतिशत रकम शिकायत की जांच में सामने आया की नगर परिषद लखनादौन ने 8 शॉपिंग काम्प्लेक्स में 75 दुकानें निर्मित कराने एवं नीलामी हेतु निविदा की कार्यवाही की गई थी। सभी दुकानों की उच्चतम बोलियों की नीलामी के दौरान ही दुकानों के आरक्षण का नियम भी लागू किया गया था। नियमों के अनुसार 21 दिन के भीतर नीलामी की 25 प्रतिशत की राशि जमा की जाना थी, और शेष राशि निविदा दर की अंतिम स्वीकृति के बाद से 120 दिन के अंदर जमा की जाना चाहिए थी। इसके बाद परिषद को संबंधित हितग्राही से एक अनुबंध तैयार किया जाना था, जिसमें नगर परिषद द्वारा दुकान की प्रति माह लिए जाने वाली किराये की राशि का भी वर्णन होता है। - अधिकारियो ने दुकानदारो से कर ली मिली भगत पूरी रकम लिये बिना ही दे दिया कब्जा मुख्य नगर पालिका अधिकारी एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों के द्वारा दुकानदारों से मिलीभगत कर बिना अनुबंध किये एवं नीलामी की बोली की पूरी रकम जमा कराये बिना ही दुकानदारों को दुकानों का कब्जा दे दिया है। आगे की जॉच में यह भी पता चला की 32 दुकानों में से 13 दुकानदारों ने नीलामी की करीब 79,82,500 रुपये की रकम जमा नहीं की है, और परिषद से अनुबंध किये बिना ही दुकानें संचालित कर रहे है। इन दुकानदारों से नियमानुसार किराये की राशि भी वसूल नहीं की गयी है, जो लगभग 2,88,000 रुपये होती। - प्रस्ताव पारित कर आरक्षित दुकान भी आवंटित कर दी दुकानदार वैभव दुबे के द्वारा काम्पलेक्स की एक दुकान को नीलामी में उच्चतम बोली में प्राप्त किया था। उनके द्वारा अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित दुकान प्राप्त करने के लिए आवेदन दिया गया था। नियम है की यदि किसी आरक्षित दुकान की नीलामी तीन बार में भी नहीं हो पाती है तो परिषद उस आरक्षित दुकान को अनारक्षित घोषित कर इसकी नीलामी की कार्यवाही कर सकती है। वैभव दुबे के आवेदन पर नगर परिषद लखनादौन की प्रेसिडेंट इन काउंसिल की बैठक में मात्र प्रस्ताव पारित कर वैभव दुबे के आवेदन के आधार पर उन्हें दुकान की नीलामी में मिली रकम पर ही आरक्षित दुकान आवंटित करने का प्रस्ताव पारित कर पुनः नीलामी कराये बिना दुकान आवंटित कर दी गई थी। क्योंकि एक अन्य दुकान उनकी पत्नी के नाम से प्राप्त हुई थी। इस प्रकार वैभव दुबे को उसके अगल-बगल की दुकानें प्राप्त करने में अवैध लाभ दिया गया है। - इनके खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर विभाग की पूरी जॉच में खुलासा हुआ की नगर पालिका परिषद लखनादौन के तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी गजेन्द्र पाण्डे और गीता वाल्मीक तथा राजस्व विभाग के राजस्व उप निरीक्षक रवि झारिया के द्वारा दुकानदारों भागचद्र अहिरवार, तेजस्व जैन, शेलेन्द्र उर्फ सोनू यादव, सीमा गोल्हानी, संगीता गोल्हानी, बुलबुल जैन, खूबचंद चैकसे, सतीश उइके, देवेन्द्र राय श्रीवास्तव, सतेन्द्र विश्वकर्मा, गणेश पटेल, विकास नामदेव और शिवप्रसाद गोल्हानी से मिलीभगत कर एवं अपने पद का दुरूपयोग कर बेईमानी से दुकानदारों से नीलामी की राशि वसूल किए बिना एवं अनुबंध किए बिना ही दुकानदारों को दुकानों का कब्जा दे दिया जिसमें दुकानें संचालित हो रही है। इस हेराफेरी से शासन को लगभग 83 लाख का नुकसान हुआ है। वहीं नगर पालिका परिषद लखनादौन की प्रेसिडेंट इन काउंसिल के सदस्यों मीणा बलराम गोल्हानी, देवकी शिवकुमार झारिया, संगीता संजय गोल्हानी, वर्षा श्रीकांत गोल्हानी, अनीता संदीप जैन, सविता गोलू कुमरे एवं तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी गीता वाल्मीक के द्वारा पद का दुरूपयोग करते हुए आरक्षित दुकान का आवंटन बदलकर इसे आरक्षित से अनारक्षित करके बिना इस दुकान की पुर्ननीलामी कराये ही उसे सामान्य वर्ग के व्यक्ति वैभव दुबे को लाभ पहुंचाने के लिए आवंटित करना पाया गया। जॉच के आधार पर सभी 23 आरोपियो के खिलाफ धारा 409, 120बी एवं धारा 7(सी), 13(1)ए, 13(2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियमके तहत अपराध मामला दर्ज किया गया है। जुनेद / 2 मार्च