राज्य
02-Mar-2026


:: विकसित भारत में महिला वैज्ञानिकों के योगदान पर केंद्रित रही प्रदर्शनी; 160 छात्राओं ने पोस्टर और मॉडल प्रस्तुति में दिखाया कौशल :: इंदौर (ईएमएस)। शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई स्नातकोत्तर महाविद्यालय में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। भौतिकी और वनस्पति शास्त्र विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना और अनुसंधान के प्रति प्रेरित करना रहा। कार्यक्रम की शुरुआत में संयोजक डॉ. अनीता मुकाती ने आयोजन की रूपरेखा प्रस्तुत की। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. बी. डी. श्रीवास्तव ने अपने उद्बोधन में विज्ञान के क्षेत्र में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालते हुए छात्राओं को नवाचार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। प्रशासनिक अधिकारी डॉ. वी. पी. बैरागी ने कहा कि आधुनिक युग में वैज्ञानिक सोच ही प्रगति का असली आधार है। इस दौरान डॉ. पी. के. दुबे ने कई रोचक वैज्ञानिक प्रयोगों का सजीव प्रदर्शन कर छात्राओं की जिज्ञासा को बढ़ाया, वहीं अतिथि सूर्यप्रकाश जायसवाल ने विज्ञान को दैनिक जीवन में व्यवहारिक रूप से अपनाने की सलाह दी। :: महिला वैज्ञानिकों के योगदान पर विशेष प्रदर्शनी :: इस वर्ष की थीम विज्ञान में महिलाएँ: विकसित भारत की उत्प्रेरक के अनुरूप महाविद्यालय में भारतीय महिला वैज्ञानिकों के संघर्ष और उनकी उपलब्धियों पर आधारित एक विशेष प्रदर्शनी आयोजित की गई। इस दौरान लगभग 160 छात्राओं ने पोस्टर और मॉडल प्रस्तुति प्रतियोगिता में हिस्सा लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। छात्राओं ने नवीकरणीय ऊर्जा, जल संरक्षण, जैव प्रौद्योगिकी, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास जैसे समसामयिक विषयों पर आधारित शानदार मॉडल और पोस्टर प्रस्तुत किए। :: विजेता छात्राएं हुईं पुरस्कृत :: प्रतियोगिता का मूल्यांकन विशेषज्ञ निर्णायक मंडल की सदस्य डॉ. नीलू मालवीय, डॉ. पूजा जैन और डॉ. पल्लवी गुप्ता द्वारा किया गया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं में अमिता पाल, बबली जाटव, कल्पना राजक, कशिश जैन, वैदिका सोनी, सोनिया सिसोदिया, पायल सोनी, दामिनी चंदेकर, हफ्सा खान, शिरीन मंसूरी, करिश्मा बौरासी, राजश्री मालवीय, महिमा पंवार एवं पलक पंवार प्रमुख रहीं। विजेता छात्राओं को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन प्रो. काजल मतवा ने किया तथा आभार प्रदर्शन प्रो. सोनम विश्वकर्मा द्वारा किया गया। प्रकाश/02 मार्च 2026