व्यापार
09-Mar-2026


नई ‎दिल्ली (ईएमएस)। दुनिया की लगभग 20 फीसदी क्रूड ऑयल सप्लाई होर्मुज स्ट्रेट से होकर जाती है। बाजार ‎विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह जल मार्ग जल्द खुलता है, तो तेल की कीमतें गिर सकती हैं और बाजार सामान्य हो सकता है। लेकिन अगर बंदी कई सप्ताह तक बनी रहती है, तो सप्लाई में बाधा और कीमतों में तेजी आ सकती है। ‎‎‎विशेषज्ञों के अनुसार 125 डालर प्रति बैरल रेजिस्टेंस स्तर है। इस स्तर को पार करने पर कीमतें 145–150 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं, जो 2008 के उच्च स्तर के करीब है। वहीं 90 डॉलर प्रति बैरल महत्वपूर्ण सपोर्ट के रूप में उभर सकता है, जो बाजार में तनाव कम होने का संकेत देगा। तेल की कीमतें सिर्फ सात दिनों में 65 फीसदी तक बढ़ी, जो बेहद असामान्य है। यह तेजी 2022 के एनर्जी संकट से अलग है, क्योंकि तब बढ़ोतरी मुख्य रूप से भू-राजनीतिक डर से थी, जबकि अब वास्तविक सप्लाई बाधित हो रही है। सतीश मोरे/09मार्च ---