क्षेत्रीय
09-Mar-2026


अनुमति नहीं लेने पर कानूनी कार्रवाई का करना पड़ सकता है सामना छिंदवाड़ा (ईएमएस)। जिले में प्रदूषण नियंत्रण के नियमों को लेकर मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने एक अहम आदेश जारी किया है। उच्च न्यायालय, इंदौर खंडपीठ के निर्देशानुसार, जिले में संचालित सभी कॉलोनी, होटल, मैरिज गार्डन, अस्पताल, औद्योगिक इकाइयां और अन्य संस्थानों को जल और वायु प्रदूषण नियंत्रण सम्मति प्राप्त करना अनिवार्य होगा। यह आदेश उन इकाइयों के लिए खासतौर पर महत्वपूर्ण है जो बिना अनुमति के चल रही हैं। इन इकाइयों को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से आवश्यक अनुमति प्राप्त करनी होगी, अन्यथा कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। म.प्र. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी एमपी तिवारी ने बताया कि उच्च न्यायालय, इंदौर खंडपीठ में विचाराधीन जनहित याचिका आदेशानुसार, जिले में संचालित सभी कॉलोनियां, भवन परियोजनाएं, होटल, मैरिज गार्डन, अस्पताल, औद्योगिक इकाइयाँ और अन्य संस्थान जो जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1974 और वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1981 की परिधि में आते हैं, उन्हें जल और वायु प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से सम्मति प्राप्त करना आवश्यक होगा। उन्होंने बताया कि जिन संस्थाओं ने बिना आवश्यक अनुमतियों के संचालन किया है या जिनकी सम्मति की अवधि समाप्त हो चुकी है, उन्हें अनुमतियां प्राप्त करनी होंगी। श्री तिवारी ने कहा कि उच्च न्यायालय के निर्देश पर बोर्ड ने यह कदम उठाया है और जो इकाइयां इस आदेश का पालन नहीं करेंगी, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कौन-कौन सी संस्थाएं हैं प्रभावित इस आदेश से होटल, मैरिज गार्डन, औद्योगिक इकाइयाँ, अस्पताल, कॉलोनियाँ, भवन परियोजनाएँ और अन्य संस्थान प्रभावित होंगे, जिनका क्षेत्रफल 2000 वर्ग मीटर या उससे अधिक है, साथ ही 1 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल वाली इकाइयाँ भी शामिल हैं। इन इकाइयों को जल और वायु प्रदूषण नियंत्रण के तहत अनुमतियाँ प्राप्त करनी होंगी। वर्तमान स्थिति और कार्रवाई वर्तमान में जिले में कई होटल, मैरिज गार्डन और औद्योगिक इकाइयां बिना अनुमतियों के संचालित हो रही हैं। कई संस्थाएं नियमों की अनदेखी कर रही हैं और पर्यावरणीय प्रभावों पर कोई ध्यान नहीं दे रही हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने ऐसे मामलों में सख्ती दिखाते हुए होटल, मैरिज गार्डन और आद्योगिक ईकाइयों को नोटिस जारी किया है। अनुमति नहीं ली तो होगी कानूनी कार्रवाई क्षेत्रीय अधिकारी श्री तिवारी ने कहा कि यदि किसी संस्थान ने निर्धारित समय सीमा के भीतर सम्मति प्राप्त नहीं की, तो उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी। इसमें भारी जुर्माना या फिर व्यवसायिक गतिविधियों को रोकने जैसे कड़े कदम उठाए जा सकते हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की यह सख्ती पर्यावरण के संरक्षण और स्वच्छता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। ईएमएस/मोहने/ 09 मार्च 2026