नई दिल्ली (ईएमएस)। भारतीय क्रिकेट टीम के स्पिन ऑलराउंडर अक्षर पटेल मुश्किल समय पर अच्छा प्रदर्शन कर टीम की सहायता करते रहे हैं पर इसके बाद उन्हें श्रेय नहीं मिलता। पिछले विश्वकप की तरह ही इस बार भी उन्होंने टीम को कई अवसरों पर अपने प्रदर्शन से संभाला है हालांकि उनके योगदान की अधिक चर्चाएं नहीं हुईं। अक्षर ने जिस प्रकार बल्लेबाजी, गेंदबाजी के अलावा फील्डिंग में भूमिका निभाई है उसे कौन भूल सकता है। उनके रहने से टीम संतुलना भी बना रहता है। भारतीय टी20 कप्तान सूर्यकुमार यादव का कहना है कि पिछले विश्वकप के एक मैच में बाहर रखे जाने से वह नाराज हो गये थे। तब उस मुकाबले में भारतीय टीम को 70 से ज्यादा रन से हार का सामना करना पड़ा। उस मैच में भारतीय गेंदबाजी लय में नहीं दिखी। इसके बाद लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम केवल 111 रन ही बना पायी। मैच के बाद सूर्यकुमार ने स्वीकार किया कि अक्षर बाहर रखे जाने के फैसले से काफी नाराज थे और मुझे भी ये बात समझ में आ गयी। उन्होंने कहा,वह बहुत गुस्से में थे और होना भी चाहिए था। वह अनुभवी खिलाड़ी हैं और एक फ्रेंचाइजी की कप्तानी भी करते हैं। तब मैंने उनसे माफी मांगी।मैंने कहा कि मुझसे गलती हो गई और मुझे खेद है, लेकिन यह फैसला टीम के हित में लिया गया था।” आंकड़े से भी पता चलता है कि अक्षर टीम के लिए कितने महत्वपूर्ण हैं। 94 मैचों में उन्होंने 7.40 की शानदार इकॉनमी से 97 विकेट लिए हैं, जबकि बल्लेबाजी में 133 के स्ट्राइक रेट से 702 रन भी बनाए हैं। वेस्टइंडीज के खिलाफ सुपर-8 के तीसरे मैच मे अक्षर ने काफी कसी हुई गेंदबाजी करते हुए केवल 35 रन दिये थे। वहीं इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में भी अक्षर ने जैकब बीथल और टॉम बैनटॉन के बीच की साझेदारी को तोड़कर भारतीय टीम का दबाव बनाये रखा। वहीं फील्डिंग में भी उन्होंने हैरी ब्रूक और सॉल्ट असंभव से कैच लेकर भारतीय टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई।पूरे टूर्नामेंट में टीम ने 15 कैच छोड़े पर अक्षर ने अपने सभी कैच पकड़े। फाइनल में भी अक्षर ने केवल 27 रन देकर फिन एलन, ग्लेन फिलिप्स और डैरल मिचेल को पवेलियन भेजकर भारतीय टीम को मैच में बनाये रखा। वहीं इससे पहले टी20 विश्व कप 2024 में भी अक्षर ने आठ मैचों में नौ विकेट लिए थे। वहीं फाइनल में तब 31 गेंदों पर 37 रन बनाकर भारतीय टीम की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। गिरजा/ईएमएस 14 मार्च 2026