- उड़ते कोल डस्ट से राहगीरों की बढ़ी परेशानी कोरबा (ईएमएस) एसईसीएल की कोयला खदानों का उत्पादन बढने के बाद से क्षेत्र की सड़को पर भारी वाहनों का दबाव बढ़ गया है। गेवरा व दीपका खदानों से निकलने वाली गाडिय़ां थाना चौक से श्रमिक चौक गेवरा, बजरंग चौक व दीपका श्रमिक चौक से गुजरती है। इससे सडक़ पर उड़ते कोल डस्ट से राहगीरों को राहत नहीं मिल पा रहा है। इनकी परेशानी बढ़ गई है। दूसरी ओर दीपका कॉलोनी व ऊर्जा नगर कॉलोनी के रहवासी भी परेशान हैं। सडक़ पर नियमित पानी का छिडक़ाव जरूरी है। एसईसीएल कुसमुंडा खदान से निकलने वाली गाडिय़ां फोरलेन सडक़ से गंतव्य स्थल के लिए आवाजाही करती है। वैवाहिक सीजन में कुसमुंडा मुख्य सडक़ पर आए दिन जाम से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। भारी वाहनों की कतारें सडक़ पर लगती है इसके निर्माण कार्य में देरी से ईमलीछापर रेलवे फाटक बंद कर मरम्मत कार्य करने से राहगीरों की जाम की समस्या से परेशानी होती है। ओवरब्रिज बनने के बाद लोगों को ईमलीछापर चौक से रेलवे फाटक पारकर आवाजाही नहीं करनी पड़ेगी। दूसरी ओर एसईसीएल दीपका खदान से कोयला लदी गाडिय़ां श्रमिक चौक दीपका से थाना चौक व बतारी मोड़ से गंतव्य स्थल के लिए निकलती है। दीपका थाना चौक से बजरंग चौक के बीच भारी वाहनों के चलने पर धूल उड्ने से राहगीर परेशान हो रहे हैं। सडक़ के निकट एसईसीएल प्रगति नगर का आवासीय कॉलोनी भी है, जहां निवासरत कर्मचारी परिवारों को कोल डस्ट उडऩे से परेशानी हो रही है। एसईसीएल की रेल मार्ग से कोल परिवहन का रैक बढ़ाने का है। इसके लिए मालगाडिय़ों में हाईटेक लोडिंग भी शुरू की है, लेकिन सडक़ मार्ग पर भारी वाहनों का दबाव कम नहीं हुआ है। गेवरा-पेंड्रा रेल कॉरीडोर का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद मालगाडिय़ों की आवाजाही शुरू होने पर सडक़ पर भारी वाहनों का दबाव कम होने की उम्मीदें बंधी है। मगर अभी कोयलांचल क्षेत्र के लोगों को सडक़ पर लगने वाले जाम व उड़ते कोल डस्ट से राहत देने की जरूरत है। 14 मार्च / मित्तल