भिंड ( ईएमएस ) | आज आत्मा योजनांतर्गत नेचुरल फॉर्मिंग पर आधारित कृषक संगोष्ठी कार्यक्रम का आयोजन ग्राम हलुआपुरा में किया गया, जिसमें कृषकों को प्राकृतिक खेती में पौधों के लिए आवश्यक खाद एवं बीज शोधन कीट नियंत्रण की जैविक विधियां तथा बनाए जाने वाले जैविक खाद का प्रति हैक्टेयर उपयोग की दर इत्यादि को विस्तार से बताया गया तथा पंजीकृत जैविक खेती कृषकों के यहां स्वयं उत्पादित जैविक खाद से फसल प्रदर्शनों से लाभ पर परिचर्चा की गई। साथ ही प्राकृतिक खेती एक ऐसी कृषि प्रणाली है, जिसमें रासायनिक उर्वरकों, कीटनाशकों और बाहरी इनपुट का प्रयोग नहीं किया जाता है। इसमें प्राकृतिक संसाधनों जैसे गोबर, गोमूत्र, पत्तियाँ और जैविक अवशेषों का उपयोग किया जाकर शून्य लागत खेती है। संगोष्ठी कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र लहार से डॉ. नरेंद्र सिंह भदौरिया कृषि वैज्ञानिक श्री गुरु राजावत संचालक जैविक उत्पादक एवं प्रशिक्षण संस्था बड़ागांव नंबर 01 श्री दीपेंद्र शर्मा तकनीकी सहायक कृषि विज्ञान केंद्र लहार, श्री कुलदीप सिंह राजपूत एसएचडीओ उद्यानिकी, श्री विकास पटेल, श्री विष्णु शर्मा कृषि विस्तार अधिकारी इत्यादि वैज्ञानिक अधिकारी कर्मचारीगण उपस्थित रहे।