नई दिल्ली (ईएमएस)। भारत सरकार ने भारत के पूर्वी तटवर्ती केजी बेसिन में स्थित ओएनजीसी के तेल क्षेत्र से कथित तौर पर गैस की हेराफेरी करने के आरोप में रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) और ब्रिटेन की तेल कंपनी बीपी से 2.81 अरब डॉलर की राशि का दावा किया है। यह जानकारी सोमवार को संसद में दी गई। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने राज्यसभा में लिखित जवाब में बताया कि सरकार ने रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड और बीपी से 2.81 अरब डॉलर की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह मामला फिलहाल भारत के सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। मंत्री का यह जवाब राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में आया। सांसद ने पूछा था कि क्या यह सही है कि सरकार ने ओएनजीसी के पूर्वी तट के गैस ब्लॉक्स से कथित गैस चोरी या निकासी के मामले में निजी कंपनियों से 2 अरब डॉलर से ज्यादा की मांग की है। सांसद ने यह भी पूछा था कि इस मामले में शामिल निजी कंपनियों के नाम और अब तक उनसे प्राप्त भुगतान की स्थिति क्या है। सुबोध/१६-०३-२०२६