तेहरान,(ईएमएस)। ईरान के एकमात्र सक्रिय परमाणु संयंत्र बुशहर न्यूक्लियर पावर प्लांट के पास 17 मार्च 2026 को प्रोजेक्टाइल मिसाइल से हमला होने की खबर ने वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। यह घटना तब हुई है जब अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष तीसरे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है। रिपोर्ट्स के मुताबिक मिसाइल प्लांट परिसर के भीतर गिरी, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि राहत की बात यह रही कि संयंत्र के मुख्य ढांचे को कोई नुकसान नहीं पहुंचा और न ही किसी कर्मचारी के घायल होने की खबर है। ईरान ने तुरंत इस घटना की जानकारी अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) को दी। आईएईए प्रमुख राफेल ग्रॉसी ने सभी देशों से अपील की है कि परमाणु ठिकानों के आसपास सैन्य गतिविधियों से बचा जाए, क्योंकि इससे बड़े परमाणु हादसे का खतरा पैदा हो सकता है। ईरान की एटॉमिक एनर्जी एजेंसी ने भी स्पष्ट किया कि रिएक्टर और अन्य संवेदनशील हिस्से पूरी तरह सुरक्षित हैं तथा रेडिएशन का स्तर सामान्य बना हुआ है। इस घटना की निंदा रोसाटोम ने भी की है, जिसने पुष्टि की कि प्लांट सुरक्षित स्थिति में है। बुशहर प्लांट फारस की खाड़ी के किनारे स्थित है और यह ईरान का इकलौता सक्रिय परमाणु ऊर्जा केंद्र है, इसलिए इसकी सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। गौरतलब है कि पिछले वर्ष अमेरिका ने ईरान के तीन प्रमुख परमाणु ठिकानों—फोर्डो न्यूक्लियर साइट, नतान्ज़ न्यूक्लियर फैसिलिटी और इस्फ़हान न्यूक्लियर साइट—पर हमला किया था। उस कार्रवाई में कई वैज्ञानिकों की मौत हुई थी और बी-2 स्टील्थ बॉम्बर जैसे उन्नत विमान का उपयोग किया गया था, जो जमीन के भीतर गहराई तक लक्ष्य को नष्ट करने में सक्षम है। फिलहाल बुशहर में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन क्षेत्र में तनाव बना हुआ है। इस घटना के बाद सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और जांच जारी है। आशीष दुबे / 18 मार्च 2026