बकौरी की पहाड़ी पर विराजी माता देती हैं मनचाहा वर, 27 मार्च को होगा भव्य जवारा विसर्जन मंडला (ईएमएस)। जिला मुख्यालय से 20 किमी दूर मंडला-निवास मार्ग पर स्थित ग्राम बकौरी में इन दिनों चैत्र नवरात्रि की धूम है। 17वीं शताब्दी से पहाड़ी पर विराजमान नक्खी माता के दरबार को इस वर्ष 729 ज्योति कलशों और खप्परों से भव्य रूप से सजाया गया है। पाषाण प्रतिमा के रूप में विराजी माता के दर्शन के लिए न केवल जिले, बल्कि अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते है। जानकारी अनुसार इस वर्ष श्रद्धालुओं की आस्था में भारी बढ़ोतरी देखी गई है। माता के दरबार में 729 ज्योति कलश प्रज्वलित हैं, जिनमें घी के 51, तेल के 556 कलश सहित 92 टोकनी और 30 खप्पर शामिल हैं। भक्त नितिन साहू ने बताया कि माता की कृपा से गाँव पर कभी संकट के बादल नहीं छाए हैं, यही कारण है कि दूर-दराज के क्षेत्रों से लोग यहाँ मन्नत मांगने खिंचे चले आते हैं। शनि नौ ग्रह मंदिर भी बना आकर्षण का केंद्र नक्खी माई माता के भक्त डीके सिंगौर प्राचार्य, बबलिया ने बताया कि नक्खी माई माता के सानिध्य में ही फरवरी 2022 में भगवान शनि देव के भव्य मंदिर की स्थापना की गई है। यहाँ शनि शिंगणापुर से लाई गई शिला को प्राण-प्रतिष्ठित करके स्थापित किया गया है। मंदिर परिसर में ही स्थापित नौ ग्रह की मूर्तियाँ और निरंतर प्रज्वलित अखंड ज्योति श्रद्धालुओं को मानसिक शांति और आध्यात्मिक सुकून प्रदान करती हैं। जिसके दर्शन को प्रतिदिन जिले के एवं दूर दराज के लोगों की भीड देखने को मिलती है। साल भर होते है धार्मिक आयोजन वैसे तो पूरे वर्ष माता की पूजा अर्चना में पूरे ग्राम के लोग एकत्र होते है लेकिन चैत्र व शारदेय नवरात्र में जवारे कलश के साथ माता की विशेष पूजा अर्चना व माता का श्रृंगार किया जाता है। साल भर यहां भक्त अपनी मनोकामना पूरी होने पर माता के दरबार में धार्मिक आयोजन और भंडारा कराते है। यहां समिति के सदस्य, पुजारी और भक्तों द्वारा पूजा अर्चना की जा रही है। रामनवमी के दिन जवारे विसर्जन का कार्यक्रम बहुत ही भव्य और मनमोहक होता है। इसके साथ ही मंदिर की व्यवस्था इतनी सुगम है कि पहाड़ी पर होने के बावजूद श्रद्धालु अपने वाहनों से सीधे मंदिर प्रांगण तक पहुँच सकते हैं। 27 मार्च को होगा विसर्जन बताया गया कि 27 मार्च को नवमी के पावन अवसर पर भव्य जवारा विसर्जन चल समारोह निकाला जाएगा। नक्खी माता का जवारा विसर्जन क्षेत्र में अपनी दिव्यता और मनमोहक दृश्य के लिए विख्यात है, जिसमें शामिल होने के लिए देश के कोने-कोने से श्रद्धालु बकौरी पहुँचते हैं। बताया गया कि जिले के सभी माता के दरबार में भक्तों का तांता लग गया रहा है। भक्त अपनी श्रृद्धा अनुसार कोई घी का कलश, कोई तेल का कलश, कोई जवारे तो कोई खप्पर रखे। वर्ष की दोनों नवरात्रि में माता नक्खी माई के दरबार में नौ स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा की जाती है और व्रत रखे जाते है। नवरात्रि के दिनों में लोग अपने घर में अखंड ज्योति जलाते हैं और मां जगदंबे के नौ स्वरूपों की पूजा करते हैं। हिंदू धर्म में वैसे तो कई तरह के धार्मिक पर्व और त्योहार मनाए जाते हैं। इसके साथ ही सबके अलग-अलग रीति-रिवाज होते हैं। इसी तरह नवरात्रि में कलश स्थापना और ज्वारे का बहुत अधिक महत्व होता है। ईएमएस/ मोहने/ 21 मार्च 2026