बड़वानी-खरगोन में रेल का रास्ता साफ, फायनल सर्वे पूरा खरगोन (ईएमएस)। निमाड़ में रेल की बांट जोह रहे नागरिकों का सपना अब साकार होते नजर आ रहा है। खंडवा से आलीराजपुर तक प्रस्तावित नई रेल लाइन का सर्वे कार्य अब अंतिम रूप ले चुका है, जिससे खरगोन और बड़वानी जिलों को भविष्य में दो रेल लाइनों का लाभ मिलने की संभावना बलवित हो गई है। सर्वे कार्य पूरा होने से रेल का रास्ता कुछ हद तक साफ हो गया है। अब डीपीआर बनने के बाद जल्द कार्य शुरु होने की संभावनाएं जताई जा रही है। मिली जानकारी अनुसार करीब डेढ़ वर्ष से चल रहे सर्वेक्षण कार्य को पूर्ण कर लिया गया है। पहले इस रेल मार्ग का फील्ड सर्वे किया गया था, जिसके बाद इंदौर में रेल विभाग और निमाड़ क्षेत्र के सांसदों के साथ बैठक हुई। बैठक में सुझावों के आधार पर एलाइनमेंट में बदलाव किए गए। हाल ही में सर्वे टीम ने आलीराजपुर से ड्रोन सर्वे शुरू करते हुए खंडवा तक पहुंचकर अंतिम चरण का कार्य पूरा किया। इस आधुनिक तकनीक से अब सटीक नक्शे और रूट तय किए गए हैं। मनमाड- इंदौर रेलवे संघर्ष समिति के प्रमुख मनोज मराठे के अनुसार, सर्वे पूरा होने के बाद अब विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार किया जाएगा। इसमें शामिल होंगे। प्रस्तावित रेलवे स्टेशन पुल. पुलिया निर्माण ट्रैक बिछाने की योजना विद्युतीकरण कार्य कुल परियोजना लागत, संभावित आय और लाभ केंद्र की मंजूरी के बाद शुरू होगा निर्माण। परियोजना को जल्द गति देने के लिए क्षेत्र के जनप्रतिनिधि सक्रिय हो गए हैं। खंडवा सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल, खरगोन सांसद गजेन्द्र सिंह पटेल, राज्यसभा सांसद सुमेर सिंह सोलंकी और राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य से संपर्क कर रेलवे मंत्रालय से जल्द वित्तीय स्वीकृति दिलाने की मांग की जाएगी। इन शहरों से गुजरेगी नई रेल लाइन निमाड़ रेल लाओ समिति के प्रमुख नरेंद्र सिंह चावला के अनुसार, प्रस्तावित रेल मार्ग आलीराजपुर, नानपुर, कुक्षी, सिंघाना, बड़वानी अंजड़, जुलवानिया, खरगोन, भीकनगांव, बरूड, पांझरिया, जामली, बडगांव, टिगरिया से यह लाइन बडगांव गुर्जर रेलवे स्टेशन पर मुख्य लाइन से जुड़ेगी। आगे खंडवा दिशा में एलाइनमेंट रहेगा। इस रेल लाइन के निर्माण से मनमाड-इंदौर रेल नेटवर्क के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी। साथ ही क्षेत्र में बड़े रेलवे जंक्शन विकसित होने की संभावना भी बढ़ेगी। बड़वानी और निमाड़ क्षेत्र में लंबे समय से रेल मार्ग की मांग उठती रही है। यह परियोजना उस मांग को पूरा करने की दिशा में एक बड़ा और निर्णायक कदम साबित हो सकती है। यदि डीपीआर और केंद्र की मंजूरी समय पर मिलती है, तो आने वालेसमय में निमाड़ क्षेत्र में रेल विकास की नई तस्वीर देखने को मिल सकती है, जिससे व्यापार, पर्यटन और रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि होगी। ईएमएस/नाजिम शेख/ 21 मार्च 2026