क्षेत्रीय
28-Mar-2026
...


ग्वालियर ( ईएमएस ) अटल बिहारी वाजपेई भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी एवं प्रबंधन संस्थान, ग्वालियर में “नवाचार, प्रेरणा और बुद्धिमत्ता” विषय-वस्तु पर आयोजित “ग्वालियर एआई समिट 2026” का द्वितीय दिवस विविध ज्ञानवर्धक सत्रों एवं नवाचार गतिविधियों के साथ सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। यह कार्यक्रम संस्थान के अभियांत्रिकी विज्ञान विभाग द्वारा आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रो. जवाहर सिंह, संस्थापक क्यू-ट्रिनो लैब एवं विद्युत अभियांत्रिकी विभाग, आईआईटी पटना, के व्याख्यान “कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं क्वांटम-सुरक्षित डिजिटल अवसंरचना” से हुई। उन्होंने अपने संबोधन में बताया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विकास में ऊर्जा सबसे बड़ी चुनौती के रूप में उभर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि ऊर्जा अवसंरचना का निर्माण महीनों नहीं, बल्कि वर्षों में संभव होता है। साथ ही उन्होंने क्लाउड डेटा केंद्र एवं उन्नत डिजिटल अवसंरचना से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। इसके पश्चात डॉ. अनिल मंगल, अनुसंधान अधिकारी, केंद्रीय आयुर्वेदिक विज्ञान अनुसंधान परिषद, ने “आयुर्वेद में चुनौतियाँ एवं अवसर” विषय पर अपने विचार व्यक्त करते हुए बताया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांतिकारी परिवर्तन ला रहा है। उन्होंने आयुर्वेद में इसके समावेशन की आवश्यकता, लाभ एवं चुनौतियों पर प्रकाश डाला। चाय madhyaan के उपरांत श्री अनुरुद्ध प्रताप सिंह, नेशनल मीडिया पैनलिस्ट एवम BJP प्रवक्ता, ने “शासन में चुनौतियाँ एवं अवसर” विषय पर अपने विचार रखते हुए कहा कि हमारे देश में प्राचीन समय से ही डेटा संग्रह एवं पूर्वानुमान की परंपरा रही है। इसके पश्चात डॉ. जोसेफ सिंह, लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान, ग्वालियर, ने “खेल क्षेत्र में चुनौतियाँ एवं अवसर” विषय पर चर्चा करते हुए खेल विज्ञान एवं डेटा विश्लेषण में एआई के बढ़ते महत्व को रेखांकित किया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि “टेक्नोलॉजी चैंपियंस नहीं बनाती, बल्कि वह उस प्रक्रिया को बेहतर बनाती है जिसके माध्यम से चैंपियंस तैयार होते हैं।” उन्होंने छात्रों को निरंतर अभ्यास, अनुशासन और तकनीक के समुचित उपयोग का संदेश दिया। इसके बाद श्री हर्षित गोयल, संस्थापक, जीनरियस एआई प्राइवेट लिमिटेड, ने “जनरेटिंग रियल इंटेलिजेंस” विषय पर अपने विचार प्रस्तुत करते हुए एआई के व्यावहारिक एवं उभरते उपयोगों पर प्रकाश डाला। दोपहर सत्र में माइक्रोसॉफ्ट से जुड़े विशेषज्ञों श्री वैभव शर्मा तथा श्री रोनक धूत द्वारा कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित व्यावसायिक समाधान प्रस्तुत किए गए। इसके पश्चात पोस्टर प्रेजेंटेशन, प्रोडक्ट डिस्प्ले (इंटरएक्टिव गैलरी वॉक) एवं हैकाथॉन के फाइनल पिच एवं डेमोंस्ट्रेशन आयोजित किए गए, जिनमें प्रतिभागियों ने अपने नवाचारों का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के लिए पुरस्कारों की घोषणा की गई। हैकाथॉन प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली टीमों को क्रमशः ₹5000, ₹3000 एवं ₹2000 की पुरस्कार राशि प्रदान की गई। वहीं पोस्टर एवं ओरल प्रेजेंटेशन प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ स्थान प्राप्त प्रतिभागियों को क्रमशः ₹2000, ₹1500, ₹1000 एवं ₹500 की पुरस्कार राशि से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण समापन समारोह एवं पुरस्कार वितरण रहा, जिसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर अतिथियों ने प्रतिभागियों के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य में तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। इस आयोजन के पैट्रन प्रो. एस. एन. सिंह निदेशक, अ०बी०वा०-भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी एवं प्रबंधन संस्थान रहे। कार्यक्रम के जनरल चेयर प्रो. अनुराग श्रीवास्तव एवं प्रो. अजय कुमार रहे। वहीं ऑर्गनाइजिंग चेयर के रूप में डॉ. यशवंत सिंह पटेल, डॉ. जीवराज एस. एवं डॉ. रोहित कुमार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ “ग्वालियर एआई समिट-2026” का समापन उत्साह एवं नई संभावनाओं के साथ हुआ। यह जानकारी संस्थान की मीडिया प्रभारी श्रीमती दीपा सिंह सिसोदिया ने दी।