क्षेत्रीय
28-Mar-2026
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कोरबा (ईएमएस) सार्वजनिक क्षेत्र के वृहद उपक्रम कोल् इंडिया की अनुसांगिक कंपनी एसईसीएल बिलासपुर के अधीन कोरबा-पश्चिम क्षेत्र में स्थापित एवं संचालित खुले मुहाने की गेवरा कोयला परियोजना अंतर्गत एसईसीएल दीपका क्षेत्र द्वारा अधिग्रहित की गई भूमि और मकानों का मुआवजा न मिलने से प्रभावित ग्रामीण अब आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं, ग्राम हरदीबाजार निवासी एक कृषक ने जिला कलेक्टर और एसईसीएल प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनके पिछले बकाये का भुगतान नहीं हुआ तो वे अपनी अन्य संपत्तियों का सर्वे नहीं होने देंगे। कृषक ने आरोप लगाते हुए बताया कि ग्राम सुवाभोड़ी और ग्राम मलगांव में उनकी भूमि और मकानों का अधिग्रहण एसईसीएल दीपका क्षेत्र द्वारा किया जा चुका है। सर्वे और नापी की प्रक्रिया पूरी हुए 4 साल बीत चुके हैं लेकिन अब तक मुआवजे की राशि का भुगतान नहीं किया गया है। कृषक के अनुसार उन्होंने पूर्व में कलेक्टर जनदर्शन और महाप्रबंधक कार्यालय में कई बार गुहार लगाई लेकिन वहां उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने आवेदन में स्पष्ट कहा है कि यदि सुवाभोड़ी और मलगांव का मुआवजा तत्काल नहीं दिया गया तो वे ग्राम हरदीबाजार स्थित अपनी अन्य भूमि और संपत्तियों का सर्वे/नापी कार्य रोक देंगे इसकी पूरी जिम्मेदारी एसईसीएल प्रबंधन और जिला प्रशासन की होगी। विज्ञप्ति के माध्यम से पीड़ित ने जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है उन्होंने कहा कि एक तरफ विकास के नाम पर जमीनें ली जा रही हैं वहीं दूसरी तरफ किसान अपने ही हक के पैसे के लिए कार्यालयों की धूल फांकने को मजबूर है। इस मामले की प्रतियां अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक एसईसीएल बिलासपुर, तहसीलदार हरदीबाजार और महाप्रबंधक खनन को भी प्रेषित की गई हैं ताकि शीघ्र अति शीघ्र न्याय मिल सके। 28 मार्च / मित्तल