ग्वालियर ( ईएमएस ) । प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज़ ईश्वरीय विश्व विद्यालय के द्वारा माधवगंज स्थित प्रभु उपहार भवन में राम नवमी के पावन अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आकर्षक झांकी सजाई गई, जिसका दर्शन लाभ सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्राप्त किया। इसके साथ ही बच्चों द्वारा मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ भी दी गईं, जिन्होंने उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया। कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारीज़ केंद्र प्रमुख बीके आदर्श दीदी ने सभी को श्रीराम नवमी की शुभकामनाएँ दीं। और कहा कि आज हम सभी प्रभु श्री राम का जन्मोत्सव /अवतरण दिवस बड़ी ही धूमधाम से मना रहे है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन त्याग, तप, धैर्य और आदर्शों की अद्भुत गाथा है। उन्होंने बताया कि श्रीराम ने राजमहल के वैभव को त्यागकर वनवास को सहर्ष स्वीकार किया और हर परिस्थिति में सत्य, साहस और संयम का मार्ग अपनाया। आज के समय में, जब छोटी-छोटी चुनौतियाँ भी हमें विचलित कर देती हैं, तब प्रभु श्रीराम का जीवन हमें धैर्य, विवेक, सत्यता और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। कार्यक्रम में उपस्थित सिविल जज शिवकांत कुशवाह ने कहा कि वर्तमान समय में भौतिक शिक्षा के साथ-साथ आध्यात्मिक शिक्षा का होना अत्यंत आवश्यक है। आध्यात्मिक शिक्षा हमें सही और गलत का बोध कराती है, नैतिक मूल्यों का विकास करती है और हमें एक जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित करती है। कार्यक्रम में राजयोगी बीके प्रहलाद भाई ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि मनुष्य जीवनभर धन और प्रतिष्ठा अर्जित करता है, लेकिन अंततः उसके साथ केवल उसके श्रेष्ठ कर्म और संस्कार ही जाते हैं। उन्होंने कहा कि जीवन में आने वाली चुनौतियों से घबराने के बजाय हर्षित मन, धैर्य और आत्मविश्वास के साथ उनका सामना करना चाहिए। प्रत्येक कठिनाई हमें अधिक मजबूत और अनुभवी बनाती है। अंत में सभी को यह संकल्प दिलाया गया कि वे अपने जीवन में सत्य, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा को सर्वोच्च स्थान देंगे तथा सकारात्मक सोच के साथ अपने लक्ष्य की ओर निरंतर अग्रसर रहेंगे। सांस्कृतिक कार्यक्रम में कु. आस्था, टिया, एनी, पिहू, रिया, विवेक, ध्रुव आदि बच्चों ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।