- शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ हर पात्र को मिलना ही सच्चा न्याय है - प्रधान न्यायाधीश श्री चंद्रा दतिया में आज एक दिवसीय वृहद विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन सम्पन्न दतिया ( ईएमएस ) | राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार आज 28 मार्च 2026 शनिवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग के संयुक्त तत्वाधान में पुलिस लाइन ग्राउंड में बृहद विधिक सेवा शिविर का आयोजन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री विजय चंद्रा, कलेक्टर श्री स्वप्निल वानखडे, पुलिस अधीक्षक श्री सूरज कुमार वर्मा के मार्गदर्शन में किया गया। शिविर के दौरान विशेष न्यायाधीश श्री अखिलेश कुमार धाकड़, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सुश्री निधि पिंटो के साथ समस्त न्यायाधीश, न्यायिक विभाग एवं पुलिस प्रशासन के अधिकारीगण एवं भारी जनसंख्या में नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान प्रधान न्यायाधीश श्री चंद्रा ने कहा कि आम जनता तक शासन द्वारा चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ जानकारी के आभाव में नहीं पहुंच पाता है। उन्होंने कहा कि समाज के आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर वर्गों को उनके विधिक अधिकारों, निःशुल्क विधिक सहायता एवं विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करने के उद्देश्य से यह कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। विशेष रूप से उन हितग्राहियों पर ध्यान केंद्रित किया गया, जो अब तक शासन की विभिन्न योजनाओं से वंचित रहे हैं। ऐसे पात्र व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें मौके पर ही योजनाओं का लाभ दिलाने का कार्य किया गया। प्रधान न्यायाधीश श्री चंद्रा द्वारा कान्हा रायकवार पुत्र श्री अजय रायकवार निवासी ग्राम गोविंदपुर को बाल श्रवण योजना के तहत कॉक्लियर इंप्लांट हेतु 5 लाख 20 हजार रुपए की आर्थिक सहायता का स्वीकृति पत्र प्रदान किया गया। शिविर के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं में 445000 हितग्राहियों को भी लाभान्वित किया गया। प्रधान न्यायाधीश श्री चंद्रा द्वारा शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉल का भी अवलोकन कर जानकारी ली। स्टॉल के माध्यम से नागरिकों को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा), योजनाओं की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया एवं लाभ संबंधी विस्तृत जानकारी एवं आर्थिक राहत पैकेज के बारे में प्रकाश पत्रिकाएँ व वर्चुअल लिंक उपलब्ध कराए गए। प्राधिकरण की ओर से महिलाओं के लिए विशेष रूप से कानूनी सहायता, यौन उत्पीड़न रोकथाम, घरेलू हिंसा एवं विधवा व परित्यक्त महिलाओं के अधिकारों से जुड़ी जानकारियाँ भी विस्तृत रूप से दी गईं। शिविर में सैकड़ों नागरिकों ने भाग लिया और विभिन्न नागरिक मामलों, पारिवारिक विवादों, भू‑संबंधी विवादों, खाते‑संबंधी शिकायतों आदि पर निःशुल्क परामर्श लिया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से नियुक्त अधिवक्ताओं ने उपस्थित लाभार्थियों को त्वरित न्याय, लोक अदालत एवं वैकल्पिक विवाद निपटान (ए॰डी॰आर॰) के उपकरणों के बारे में भी जानकारी दी।