बालाघाट (ईएमएस). मप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार श्याम बिहारी वर्मा शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बालाघाट में वृहद विधिक जागरूकता एवं स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण प्राणेश कुमार प्राण के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ। शिविर का शुभारंभ मंचासीन अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर विशेष न्यायाधीश (एट्रोसिटी एक्ट) रघुवीर प्रसाद पटेल, पुलिस अधीक्षक आदित्य कुमार मिश्रा, प्रथम जिला न्यायाधीश गौतम सिंह मरकाम, न्यायिक मजिस्ट्रेट तारा मार्को, अविनाश छारी, शुभम जैन, जिला विधिक सहायता अधिकारी जीतेन्द्र मोहन धुर्वे, शाला प्राचार्य शरद ज्योतिषी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, पुलिस, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास विभाग के कर्मचारी, पैरालीगल वॉलंटियर्स, छात्र-छात्राएं एवं ग्रामीणजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि न्यायाधीश प्राणेश कुमार प्राण ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को विधिक जानकारी होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को सही मार्गदर्शन देने एवं नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि न्याय की पहुंच समाज के हर व्यक्ति तक होना चाहिए, ताकि कोई भी व्यक्ति न्याय से वंचित न रहे। साथ ही उन्होंने मोटर यान अधिनियम के तहत यातायात नियमों का पालन करने एवं हेलमेट पहनकर वाहन चलाने की सलाह दी। विशेष न्यायाधीश रघुवीर प्रसाद पटेल ने अपराध पीडि़त प्रतिकर योजना 2015 की जानकारी देते हुए इसके लाभों से अवगत कराया। वहीं प्रथम जिला न्यायाधीश गौतम सिंह मरकाम ने लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 (पॉक्सो एक्ट) के महत्वपूर्ण प्रावधानों पर प्रकाश डाला। पुलिस अधीक्षक आदित्य कुमार मिश्रा ने साइबर अपराधों से बचाव के उपाय बताते हुए कहा कि जागरूकता ही इससे बचने का सबसे प्रभावी तरीका है। उन्होंने आमजन से सतर्क रहने एवं किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल देने का आग्रह किया। आयुष विभाग के समन्वय से स्वास्थ्य शिविर भी आयोजित किया गया, जिसमें ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें नि:शुल्क दवाइयां वितरित की गईं। विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। साथ ही एनजीओ के माध्यम से बच्चों को पोषण आहार भी वितरित किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा स्थापित हेल्प डेस्क के माध्यम से कुल 668 ग्रामीणजनों को लाभान्वित किया गया और कुपोषित बच्चों को पोषण किट का वितरण किया गया। भानेश साकुरे / 28 मार्च 2026