पटना, (ईएमएस)। मुख्यमंत्री नितीश कुमार जी के राज्यसभा जाने के निर्णय से सबसे ज्यादा खुशी राजद मना रही है, जहाँ एक ओर एनडीए विकास, स्थिरता और सुशासन की राजनीति को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है, वहीं दूसरी ओर आरजेडी खेमे में बौखलाहट साफ दिखाई दे रही है। लालू प्रसाद और उनका परिवार लगातार सत्ता से दूर रहने की हताशा में इस स्तर तक उतर आया है कि गंभीर राजनीतिक घटनाक्रम पर अशोभनीय गतिविधियों के जरिए जश्न मना रहा है। यह न केवल राजनीतिक संस्कृति को गिराता है बल्कि बिहार की गरिमा का भी अपमान है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक प्रेम रंजन पटेल ने अपने प्रेस बयान में आगे कहा कि बिहार की जनता परिवारवाद और अराजक राजनीति को पूरी तरह नकार चुकी है। तेजस्वी यादव की ताजपोशी का सपना सिर्फ लालू परिवार की महत्वाकांक्षा है, जिसे जनता बार-बार खारिज कर चुकी है और आगे भी करती रहेगी। बिहार अब विकास, रोजगार, इंफ्रास्ट्रक्चर और सुशासन की राह पर आगे बढ़ चुका है, यहां भावनात्मक ड्रामा और वंशवादी राजनीति के लिए कोई जगह नहीं है। लालू-रावडी की बेटी रोहिणी आचार्या जो मुख्यमंत्री के लिए “तड़ीपार” करने जैसी गैर-जिम्मेदाराना बयानबाजी कर रही, अपने ही परिवार और पार्टी की अंदरूनी राजनीति का शिकार हो तड़ीपार हो गई हैं। यह साफ है कि आरजेडी में न तो विचारधारा बची है और न ही अनुशासन, सिर्फ परिवार के इर्द-गिर्द घूमती राजनीति रह गई है। आज बिहार की जनता ऐसे अवसरवादी और दिशाहीन नेतृत्व को पूरी तरह नकारते हुए एनडीए के विकास मॉडल पर भरोसा बनाए रखा है। मुख्यमंत्री नितीश कुमार के नेतृत्व में राज्य ने जिस तरह प्रगति की है, वह आगे आने वाले समय में और तेज होगी। एनडीए सरकार सिर्फ सत्ता की नहीं, बल्कि बिहार के भविष्य, सम्मान और विकास के लिए बात करती है और इसमें जीत सिर्फ जनता की होती है और आगे भी होगी, न कि परिवारवाद की राजनीति करने वालों की। संतोष झा-३० मार्च/२०२६/ईएमएस