राष्ट्रीय
17-Apr-2026
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-रत्न एवं आभूषण, इलेक्ट्रॉनिक, पेट्रोलियम और चावल जैसे निर्यातों में आई गिरावट नई दिल्‍ली,(ईएमएस)। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध के दौरान भारत का पश्चिम एशिया को निर्यात घटकर आधा रह गया है। वाणिज्‍य सचिव राजेश अग्रवाल ने मार्च में पश्चिम एशिया क्षेत्र के साथ व्यापार आंकड़े जारी करते हुए कहा कि पिछले महीने पश्चिम एशियाई देशों के साथ भारत के निर्यात में 57.95 फीसदी और आयात में 51.64 फीसदी की गिरावट रही।बता दें ईरान पर 28 फरवरी को हुए इजराइल-अमेरिका हमले के बाद प्रमुख समुद्री व्यापार मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य अस्थायी रूप से बंद हो गया था जिससे क्षेत्र के साथ व्यापार पर व्यापक असर पड़ा। करीब 33 किलोमीटर चौड़ा यह जलडमरूमध्य मार्ग भारत से पश्चिम एशिया के देशों को होने वाले माल परिवहन के लिए बेहद अहम है, लेकिन इसके बंद हो जाने से भारतीय व्यापार पर प्रतिकूल असर पड़ा है। सामान्य परिस्थितियों में भारत इस क्षेत्र को हर महीने करीब 6 अरब डॉलर यानी करीब 60 हजार करोड़ रुपए का निर्यात करता है, लेकिन मार्च में यह आंकड़ा घटकर महज 2.5 अरब डॉलर यानी करीब 24 हजार करोड़ रुपए रह गया। इस तरह इन देशों को निर्यात में करीब 3.5 अरब डॉलर की कमी आई है। वाणिज्य सचिव ने कहा कि पश्चिम एशियाई देशों के साथ व्यापार के मामले में अप्रैल महीने में भी चुनौतीपूर्ण माहौल रहने का अनुमान है। उन्होंने बताया कि रत्न एवं आभूषण, इंजीनियरिंग वस्तुएं, इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद, पेट्रोलियम उत्पाद और चावल जैसे क्षेत्रों के निर्यात में प्रमुख रूप से गिरावट आई है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अग्रवाल ने कहा कि इस तरह के संकट के समय आपूर्ति शृंखलाओं में नए सिरे से संतुलन होता है और भारतीय निर्यातक नए बाजारों की ओर रुख करने की कोशिश कर रहे हैं। यह केवल भारत-पश्चिम एशिया की चुनौती नहीं है, बल्कि वैश्विक स्तर पर पश्चिम एशिया से जुड़े लॉजिस्टिक की समस्या है। उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम एशिया से तेल एवं गैस की आपूर्ति बाधित होने से इस्पात, प्लास्टिक और रबर जैसे कच्चे माल की कीमतों में भी बढ़ोतरी देखी गई है, जिससे लागत दबाव बढ़ा है। सरकार ने खाड़ी क्षेत्र में उत्पन्न स्थिति के प्रभाव को कम करने के लिए निर्यातकों के लिए कई उपाय किए हैं। 2024-25 में इस क्षेत्र में भारत का निर्यात करीब 57 अरब डॉलर रहा था। भारत और खाड़ी क्षेत्र के बीच 2024-25 में कुल द्विपक्षीय व्यापार 178 अरब डॉलर का रहा था जिसमें 56.87 अरब डॉलर का निर्यात और 121.67 अरब डॉलर का आयात शामिल है। अब पश्चिम एशिया संकट की वजह से इसमें और ज्‍यादा गिरावट आती दिख रही है। सिराज/ईएमएस 17 अप्रैल 2026