राष्ट्रीय
25-Apr-2026


make a news item from undermentioned content शिमला (ईएमएस)। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में निर्वासन में रह रहे तिब्बतियों ने 11वें पंचेन लामा गेदुन चोएक्यी न्यिमा का 37वां जन्मदिन विशेष प्रार्थनाओं और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ मनाया। इस दौरान उनकी शीघ्र रिहाई और दीर्घायु की कामना की गई। यह कार्यक्रम जोनांग मठ, तिब्बती महिला संघ और तिब्बती यूथ कांग्रेस की शिमला इकाइयों द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया। तिब्बती भिक्षु, पुरुष और महिलाएं जोनांग मठ के निकट डिंगु हिल प्रार्थना स्थल पर एकत्र हुए और पंचेन लामा की सुरक्षित वापसी के लिए प्रार्थना की। जोनांग मठ, संजौली शिमला के शिक्षक आचार्य कुंगा छोएपेल ने कहा कि आज पंचेन लामा 37 वर्ष के हो गए हैं, लेकिन अब तक उनके ठिकाने की कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि चीन ने उन्हें अपने नियंत्रण में रखा हुआ है और तिब्बती समुदाय लगातार उनकी लंबी आयु तथा रिहाई के लिए प्रार्थना कर रहा है। साथ ही भारत सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मामले में हस्तक्षेप की अपील भी की गई। गौरतलब है कि गेदुन चोएक्यी न्यिमा का जन्म 25 अप्रैल 1989 को तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र के नगछू क्षेत्र के ल्हारी गांव में हुआ था। मई 1995 में, छह वर्ष की आयु में, उन्हें 14वें दलाई लामा द्वारा 10वें पंचेन लामा का पुनर्जन्म घोषित किया गया था। हालांकि, चीन ने इस मान्यता को अस्वीकार करते हुए अपने समर्थक ग्यात्सेन नोरबू को पंचेन लामा नियुक्त कर दिया। दलाई लामा द्वारा मान्यता दिए जाने के तुरंत बाद चीनी अधिकारियों ने कथित तौर पर गेदुन चोएक्यी न्यिमा और उनके परिवार को हिरासत में ले लिया था। तब से उनके ठिकाने के बारे में कोई जानकारी सामने नहीं आई है, जिसके चलते उन्हें दुनिया के सबसे लंबे समय से लापता राजनीतिक बंदियों में से एक माना जाता है। सुबोध/२५ -०४-२०२६