खेल
28-Apr-2026


नई दिल्ली (ईएमएस)। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के ऑलराउंडर कृणाल पंड्या ने आईपीएल के इस सत्र में अच्छे प्रदर्शन का श्रेय स्पिन गेंदबाजी कोच मलोलन रंगराजन को दिया है। दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करने वाले कृणाल ने अपनी गेंदबाजी में आए बड़े बदलाव का श्रेय कोच को दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि रंगराजन के भरोसे के कारण ही वह मैदान पर नए प्रयोग कर पाये। इसके अलावा कोच ने उन्हें खुलकर खेलने की आजादी दी, जिससे उनकी गेंदबाजी में एक घातक निखार आया है। कृणाल ने बताया कि आईपीएल के पिछले दो सीजन में उनकी गेंदबाजी में जो जबरदस्त सुधार देखा गया है, उसके पीछे कोच रंगराजन का निरंतर समर्थन है। आरसीबी से जुड़ने के बाद उनकी भूमिका में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन आया। उन्हें सिर्फ गेंद डालने वाले गेंदबाज के बजाय विकेट लेने वाले गेंदबाज के रूप में जिम्मेदारी दी गई, जिसने उन्हें बाउंसर को फेंकने के लिए प्रेरित किया। यह एक ऐसा कदम था जो आमतौर पर स्पिनरों के लिए आम नहीं माना जाता। इस आईपीएल में अपनी तेज बाउंसर गेंदों से बल्लेबाजों को लगातार परेशान करने वाले कृणाल ने बताया कि उनकी ये बाउंसर केवल दिखावे के लिए नहीं होतीं, बल्कि इनके पीछे एक ठोस सोच और गहरी योजना होती है। उन्होंने कहा कि पिछले साल के अच्छे प्रदर्शन के बाद, वे मानसिक रूप से बल्लेबाज से एक कदम आगे रहने के लिए अपने खेल में कुछ नया जोड़ना चाहते थे। इसी सोच के साथ उन्होंने बाउंसर और लो-आर्म ट्राजेक्टरी वाली गेंदें डालना शुरू किया, जो विशेष रूप से बाएं हाथ के बल्लेबाजों के खिलाफ भी बेहद कारगर साबित हुई हैं। कृणाल ने इस चुनौती को स्वीकार किया और यह प्रयोग उनके लिए काफी सफल रहा है। कृणाल ने इस बात पर जोर दिया कि एक स्पिनर के लिए बाउंसर डालना आसान नहीं है और इसके लिए असाधारण शारीरिक फिटनेस की आवश्यकता होती है। उन्होंने बताया, कम रन-अप में इतनी गति और उछाल लाना वास्तव में कठिन होता है। उन्होंने यह भी साझा किया कि वह अभ्यास सत्र में बाउंसर का ज्यादा अभ्यास नहीं करते, क्योंकि इसमें काफी मेहनत लगती है और वह खुद को फिट व तरोताजा रखने के लिए इसे सीधे मैच में ही इस्तेमाल करना पसंद करते हैं। इसी अवसर पर, कृणाल पंड्या ने टीम के पूर्व कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली को आईपीएल में 9000 रन पूरे करने की ऐतिहासिक उपलब्धि पर हार्दिक बधाई भी दी। कोहली इस प्रतिष्ठित लीग में यह मील का पत्थर छूने वाले पहले बल्लेबाज बन गए हैं, जिन्होंने 275 मैचों और 267 पारियों में 40.05 की प्रभावशाली औसत से यह कारनामा किया है। ईएमएस 28 अप्रैल 2026