क्षेत्रीय
28-Apr-2026
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अवैध खनन परिवहन में हो रहा धड़ल्ले से हो रहा उपयोग, पुलिस और आरटीओ की शह पर धड़ल्ले से चल रहा सबकुछ खेल , कम से कम पांच फेरे ले रहे वाहन तत्काल कम से कम ले रहे पांच फेरे न नंबर प्लेट, न बीमा-फिटनेस… शहर की सड़कों पर बेखौफ दौड़ रहे हाइवा-डंपर अवैध खनन परिवहन में धड़ल्ले से उपयोग, दिनभर में कम से कम पांच फेरे लगा रहे वाहन पुलिस और आरटीओ की शह पर चल रहा खेल, आमजन की जान जोखिम में रायसेन।शहर की सड़कों पर इन दिनों नियम-कानूनों को ताक पर रखकर हाइवा और डंपर बेखौफ दौड़ रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि न तो इन भारी वाहनों पर नंबर प्लेट स्पष्ट रूप से दिखाई देती है और न ही इनके पास बीमा और फिटनेस जैसे जरूरी दस्तावेज होते हैं। इसके बावजूद ये वाहन दिन-रात सड़कों पर फर्राटा भरते नजर आ रहे हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इनका उपयोग अवैध खनन और परिवहन में बड़े पैमाने पर किया जा रहा है।लेकिन जिम्मेदार विभागों की आंखें मानो बंद हैं। जिले में विभिन्न सड़क कंपनियों द्वारा सड़कों के निर्माण में डंपरों से मिट्टी मुरम कोपरा ढलाई में वैध अवैध संचालन किया जा रहा है। शहर और आसपास के क्षेत्रों में संचालित इन हाइवा-डंपरों की गतिविधियों पर नजर डालें तो सामने आता है कि एक-एक वाहन दिनभर में कम से कम पांच फेरे लगा रहा है। खनन क्षेत्रों से रेत, गिट्टी और अन्य सामग्री भरकर ये वाहन शहर के भीतर और बाहर लगातार दौड़ते रहते हैं। इस दौरान न तो ट्रैफिक नियमों का पालन किया जाता है और न ही सुरक्षा मानकों का। ओवरलोडिंग के साथ तेज रफ्तार इन वाहनों को और अधिक खतरनाक बना देती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन भारी वाहनों की वजह से सड़कों की हालत लगातार बिगड़ रही है। कई स्थानों पर सड़कों में गड्ढे हो गए हैं।जिससे आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है। कई बार ये हाइवा-डंपर इतनी तेज गति से गुजरते हैं कि राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों को संभलने का मौका तक नहीं मिलता। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर बिना नंबर प्लेट, बीमा और फिटनेस के ये वाहन खुलेआम कैसे चल रहे हैं? सूत्रों की मानें तो इस पूरे मामले में पुलिस और आरटीओ की मिलीभगत से इनकार नहीं किया जा सकता। कार्रवाई के नाम पर कभी-कभार औपचारिकता निभा ली जाती है।लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाते। यही कारण है कि वाहन संचालकों के हौसले बुलंद हैं। अवैध खनन माफिया इन हाइवा-डंपरों के जरिए बड़े पैमाने पर खनिज संपदा का दोहन कर रहे हैं। नियमों को दरकिनार कर रात-दिन खनन और परिवहन धड़ल्ले से जारी है। इससे न केवल सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है।बल्कि पर्यावरण पर भी गंभीर असर पड़ रहा है। नदी-नालों से अंधाधुंध रेत निकासी के चलते जलस्तर गिरने और पारिस्थितिकी तंत्र प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है। शहरवासियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि ऐसे वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। बिना दस्तावेजों के चलने वाले हाइवा-डंपरों को तत्काल जब्त किया जाए और जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई हो। साथ ही, अवैध खनन और परिवहन पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए विशेष अभियान चलाने की जरूरत है। अगर समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई, तो आने वाले दिनों में यह समस्या और विकराल रूप ले सकती है। आमजन की सुरक्षा और कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए जरूरी है कि जिला व पुलिस प्रशासन सख्ती दिखाए और इस पूरे नेटवर्क पर लगाम कसे। फिलहाल, शहर की सड़कों पर दौड़ते ये हाइवा-डंपर न केवल नियमों को रौंद रहे हैं।बल्कि लोगों की जान के लिए भी बड़ा खतरा बने हुए हैं। माफिया का वैध, अवैध दो तरह का सिस्टम.... @ अवैध गाड़ियां- इन डंपरों पर न तो नंबर होते हैं और न दस्तावेज। इन्हें अवैध उत्खनन और ढुलाई में लगाए जाते हैं। @ वैध गाड़ियां जब कोई अवैध डंपर यदि पकड़ा जाता है तो या फिर सड़क हादसा घटित हो जाता है तो वैध डंपरों के बीमा फिटनेस दस्तावेज पुलिस के समक्ष पेश कर दिए जाते हैं।इसके बाद डंपर को छुड़ा लिए जाता है। इनका कहना है.... खनिज व पुलिस के साथ मिलकर कार्रवाई करेंगे सड़कों पर बिना नंबर प्लेट के डंपरों का संचालन गैरकानूनी है। रात के समय रेत परिवहन में लगे सड़कों पर बेलगाम दौड़ते डंपरों को पकड़ने के लिए खनिज विभाग और पुलिस के साथ मिलकर कार्रवाई करेंगे।जगदीश सिंह भील आरटीओ रायसेन किशोर वर्मा ईएमएस 28/04/2026