अहमदाबाद (ईएमएस)| गुजरात के स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए नगर निगम, नगर पालिका से लेकर जिला पंचायत तक अधिकांश सीटों पर जीत दर्ज की है। इस चुनावी परिणाम को राज्य की राजनीति में एकतरफा जनादेश के रूप में देखा जा रहा है। चुनाव में कई चर्चित चेहरे भी मैदान में उतरे थे, जिनमें पूर्व आईपीएस अधिकारी मनोज निमामा प्रमुख रहे। 42 वर्षों तक पुलिस सेवा में रहने के बाद उन्होंने वीआरएस लेकर राजनीति में कदम रखा और भारतीय जनता पार्टी से जुड़कर अरवल्ली जिले की ओढ जिला पंचायत सीट से चुनाव लड़ा। हालांकि, कड़ी मेहनत और जोरदार प्रचार के बावजूद वे मतदाताओं का विश्वास जीतने में असफल रहे और उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसी तरह आम आदमी पार्टी (आप) से भाजपा में शामिल हुए भूपत भायाणी, जिन्होंने पहले विधायक के रूप में भी कार्य किया था, इस बार जिला पंचायत चुनाव में आप प्रत्याशी के सामने पराजित हो गए। उन्होंने पार्टी बदलकर चुनावी मैदान में नई शुरुआत की थी, लेकिन परिणाम उनके पक्ष में नहीं रहे। हालांकि, सभी दलबदलुओं को हार का सामना नहीं करना पड़ा। कुछ नेताओं जैसे किसान नेता राजू करपड़ा ने पार्टी बदलने के बाद चुनाव में जीत दर्ज कर अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत की। इन परिणामों से यह स्पष्ट संदेश मिला है कि केवल पार्टी बदलना जीत की गारंटी नहीं है, बल्कि स्थानीय स्तर पर जनसंपर्क, विश्वास और विकास कार्यों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। सतीश/28 अप्रैल