* मोबाइल से मैदान तक: कलेक्टर आनंद पटेल की पहल से ग्रामीण प्रतिभाओं को मिलेगा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच गांधीनगर (ईएमएस)| नरेन्द्र मोदी द्वारा देशभर में खेल प्रतिभाओं को निखारने और खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए “खेलो इंडिया यूथ गेम्स” की शुरुआत की गई है। इसी दिशा में गुजरात में भी विभिन्न स्तरों पर “खेल महाकुंभ” जैसे आयोजन किए जाते हैं, जिनसे अनेक प्रतिभाशाली खिलाड़ी उभरकर सामने आए हैं और उन्होंने राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश और राज्य का नाम रोशन किया है। अब जब वर्ष 2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी के लिए गुजरात तैयारियां कर रहा है, तब सीमावर्ती कच्छ जिले ने भी अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को तैयार करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। कच्छ के कलेक्टर आनंद पटेल ने बच्चों को मोबाइल की लत से बाहर निकालकर खेल के मैदानों की ओर आकर्षित करने के लिए एक प्रेरणादायक निर्णय लिया है। इस पहल के तहत कच्छ जिले के सभी 9 तालुकाओं में एक साथ 105 खेल मैदानों को राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज कर उन्हें आधिकारिक मान्यता दी गई है। डिजिटल युग में जहां बच्चों का बचपन स्क्रीन तक सीमित होता जा रहा है, वहीं इस पहल से उन्हें फिर से खेलकूद की ओर प्रेरित करने का प्रयास किया गया है। मात्र एक महीने के भीतर सरकारी अनुपयोगी जमीनों की पहचान कर उन्हें खेल मैदान के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया पूरी की गई। इस अभियान के तहत कुल 8,49,870 वर्ग मीटर भूमि को खेल मैदान के रूप में दर्ज किया गया है। इस निर्णय से ग्रामीण क्षेत्रों में खुशी की लहर दौड़ गई है और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नई उम्मीद जगी है। गुजरात सरकार की खेल नीति के तहत प्रशिक्षण, खेल उपकरण और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराकर खिलाड़ियों को तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है, जिसमें ये मैदान मजबूत आधार साबित होंगे। कलेक्टर आनंद पटेल ने बताया कि कच्छ जैसे विशाल और सीमावर्ती जिले में युवाओं के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए खेल मैदान अत्यंत आवश्यक हैं। ये मैदान न केवल अभ्यास के लिए स्थान प्रदान करेंगे बल्कि “खेल महाकुंभ” जैसी प्रतियोगिताओं के माध्यम से स्थानीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने में मदद करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों के युवाओं में सेना में भर्ती होने का उत्साह अधिक होता है। ऐसे में ये मैदान अग्निवीर, सेना और पुलिस भर्ती की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए भी अत्यंत उपयोगी साबित होंगे। भविष्य में डीएमएफ, लोकल फंड और अन्य सरकारी योजनाओं के माध्यम से इन मैदानों को और विकसित किया जाएगा तथा दूसरे चरण में और गांवों में भी ऐसे मैदान बनाए जाएंगे। इस अभियान के तहत 9 तालुकाओं में मैदानों का वितरण इस प्रकार है: मांडवी – 37, मुंद्रा – 14, भुज – 8, नखत्राणा – 5, अबडासा – 10, अंजार – 12, भचाऊ – 5, रापर – 9, लाखपत – 5 (कुल 105 मैदान)। उल्लेखनीय है कि गुजरात में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में खेल मैदानों को एक साथ आधिकारिक मान्यता दी गई है। यह पहल कच्छ के बच्चों और युवाओं के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ खेल गतिविधियों को नई गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। सतीश/05 अप्रैल