-चुनाव परिणामों ने रच दिया नया राजनीतिक इतिहास -परिसीमन के बाद बदला गणित नई दिल्ली,(ईएमएस)। असम विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों के बाद राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। 126 सदस्यीय विधानसभा में गैर-एनडीए दलों के कुल 24 निर्वाचित विधायकों में से 22 मुस्लिम समुदाय से होने का आंकड़ा सामने आया है, जिसने एक तरफ जहां राजनीतिक बहस को जन्म दिया वहीं एक अलग ही इतिहास भी रचने का काम कर दिया है। दरअसल विपक्षी खेमे में सबसे बड़ी पार्टी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस रही, जिसने 19 सीटें जीतीं, जिनमें अधिकांश मुस्लिम विधायक शामिल हैं। इसके अलावा ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट को 2 सीटें मिलीं, जबकि रायजोर दल और तृणमूल कांग्रेस को एक-एक सीट पर जीत हासिल हुई। इन आंकड़ों की खास बात यह है कि विधानसभा में विपक्ष के तौर पर केवल दो गैर-मुस्लिम विधायक चुने गए हैं। इनमें रायजोर दल प्रमुख अखिल गोगोई और कांग्रेस के जॉयप्रकाश दास शामिल हैं। इस पर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की टिप्पणी सामने आई है, जिसमें उन्होंने इसे राजनीतिक समीकरण पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यह केवल आंकड़ों का विश्लेषण है, लेकिन इससे राज्य की जनसांख्यिकीय और राजनीतिक वास्तविकता समझी जा सकती है। चुनाव परिणामों में भाजपा और उसके सहयोगियों का प्रदर्शन मजबूत रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, परिसीमन के बाद बदले निर्वाचन क्षेत्रों ने इस चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। 2023 के परिसीमन के बाद मुस्लिम बहुल सीटों की संख्या कम होकर 22 रह गई, जिससे चुनावी संतुलन प्रभावित हुआ। रिपोर्टों के अनुसार, पहले जहां मुस्लिम बहुल सीटें 35 थीं, वहीं अब यह संख्या घटकर 22 रह गई है। इससे विपक्षी दलों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ी और कई सीटों पर वोट विभाजन भी देखने को मिला। चुनाव से पहले भी राजनीतिक समीकरण में बदलाव देखा गया, जब कुछ विधायकों ने पाला बदलकर सत्तारूढ़ गठबंधन का समर्थन किया। इससे विपक्ष की रणनीति कमजोर हुई। असम में यह भी बहस जारी है कि बांग्लादेश से अवैध प्रवासन और जनसांख्यिकीय बदलाव राज्य की राजनीति को लंबे समय से प्रभावित करते रहे हैं। भाजपा का तर्क रहा है कि राज्य की राजनीतिक दिशा में स्थानीय और स्वदेशी समुदायों की भूमिका निर्णायक होनी चाहिए। इन नतीजों ने असम की राजनीति में एक नए बहस को जन्म दिया है, जहां प्रतिनिधित्व, परिसीमन और पहचान की राजनीति एक बार फिर केंद्र में आ गई है। हिदायत/ईएमएस 05मई26