राष्ट्रीय
05-May-2026
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चेन्नई,(ईएमएस)। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों के बाद राज्य की राजनीति में बड़ा भूचाल आ गया है। मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, लेकिन अपने पूरे बयान में उन्होंने विजयी पार्टी या प्रमुख नेता विजय का नाम लेने से परहेज किया, जिससे राजनीतिक हलकों में नई बहस छिड़ गई है। चुनाव परिणामों में द्रविड़ मुनेत्र कड़गम को बड़ा झटका लगा है और पार्टी केवल 59 सीटों पर सिमट गई। वहीं विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कज़गम ने 108 सीटों के साथ स्पष्ट बहुमत हासिल कर राज्य में सरकार बनाने का रास्ता साफ कर लिया है। इस्तीफे के दौरान एम.के. स्टालिन ने अपने संदेश में गठबंधन को मिले समर्थन पर जोर दिया और मतदाताओं का आभार जताया, लेकिन उन्होंने सीधे तौर पर किसी भी विपक्षी दल या विजेता पार्टी का नाम नहीं लिया। उनके इस रुख को राजनीतिक रणनीति और प्रतीकात्मक विरोध के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह पहली बार नहीं है जब तमिलनाडु की राजनीति में हार के बाद भी बयानबाजी में प्रतीकात्मक दूरी बनाई गई हो, लेकिन इस बार स्थिति अधिक स्पष्ट और चर्चा का विषय बन गई है। चुनाव परिणामों के बाद राज्यपाल आर.एन. रवि ने एम.के. स्टालिन का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है और उन्हें नई व्यवस्था बनने तक कार्यवाहक मुख्यमंत्री बने रहने को कहा गया है। हिदायत/ईएमएस 05मई26