-लोकतंत्र पर संकट का दावा, राष्ट्रपति से मुलाकात की तैयारी नई दिल्ली,(ईएमएस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की बड़ी जीत के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने इस जीत पर सवाल उठाते हुए चुनाव प्रक्रिया और जनादेश को लेकर गंभीर टिप्पणी की है। अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा, जब देश में “मोदी लहर” चरम पर थी, तब भी भाजपा दिल्ली और बंगाल जैसे राज्यों में जीत नहीं दर्ज कर सकी थी। उन्होंने कहा कि 2015 और 2016 में पार्टी को बेहद कम सीटें मिली थीं, लेकिन अब जब लोकप्रियता घटने की बात कही जा रही है, तब बंगाल में बड़ी जीत सामने आई है। उन्होंने सवाल उठाया कि यह बदलाव कैसे संभव हुआ और क्या इसके पीछे चुनावी प्रक्रिया में कोई बदलाव या गड़बड़ी जिम्मेदार है। इससे पहले एक रैली में बोलते हुए अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया कि देश में लोकतंत्र पर संकट है और कई राज्यों में चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बिहार और महाराष्ट्र का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भी राजनीतिक परिस्थितियां संदिग्ध रही हैं। उन्होंने अपने विधानसभा अनुभव का उल्लेख करते हुए दावा किया कि उनके वोटों में बड़ी संख्या में कमी आई, जिसे उन्होंने लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल उठाने का आधार बताया। हालांकि इन दावों का कोई आधिकारिक प्रमाण सार्वजनिक नहीं किया गया है। इस बीच आम आदमी पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति भवन पहुंचा, जहां उसने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की योजना बनाई। यह मुलाकात पार्टी के सात राज्यसभा सांसदों के कथित विलय को लेकर थी, जिनमें राघव चड्ढा, हरभजन सिंह, अशोक मित्तल और अन्य नाम शामिल हैं। पार्टी का आरोप है कि यह राजनीतिक विलय लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के खिलाफ है और विपक्षी दलों को कमजोर करने का प्रयास है। हिदायत/ईएमएस 05मई26