राष्ट्रीय
05-May-2026


अहमदाबाद (ईएमएस)। दुष्कर्म मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम के पुत्र नारायण साईं को गुजरात हाई कोर्टसे बड़ा झटका लगा है। अदालत ने उनकी उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने उम्रकैद की सजा पर रोक लगाने और राहत देने की मांग की थी। उच्च न्यायालय की द्विसदस्यीय पीठ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया ऐसा नहीं लगता कि दोषी को अपील में बरी होने की मजबूत संभावना है। अदालत ने स्पष्ट कहा कि उपलब्ध तथ्यों के आधार पर सजा स्थगित करने या जमानत देने के लिए पर्याप्त आधार नहीं बनता। अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि दोषी बीते कई वर्षों से अपनी अपील की अंतिम सुनवाई में अपेक्षित सहयोग नहीं कर रहा था और अलग-अलग याचिकाओं के माध्यम से कार्यवाही में देरी की कोशिश करता दिखाई दिया। गौरतलब है कि सूरत की एक अदालत ने वर्ष 2019 में नारायण साई को दुष्कर्म, मारपीट, धमकी और साजिश जैसे गंभीर आरोपों में दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। यह मामला पूर्व महिला अनुयायी की शिकायत के बाद सामने आया था। अब उच्च न्यायालय के ताजा फैसले के बाद नारायण साई को फिलहाल जेल में ही रहना होगा, जबकि उनकी दोषसिद्धि के खिलाफ दायर मुख्य अपील अभी भी न्यायालय में लंबित है। सुबोध/०५-०५-२०२६