:: एनजीटी के निर्देशों पर शासन ने लिया निर्णय, कचरा प्रबंधन नियमों के पालन पर रहेगी पैनी नजर :: इंदौर/भोपाल (ईएमएस)। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) की मुख्य बेंच, नई दिल्ली के निर्देशों के अनुपालन में राज्य शासन ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन अधिनियम के तहत राज्य स्तरीय क्रियान्वयन समिति का पुनर्गठन किया है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित यह उच्चाधिकार प्राप्त समिति प्रदेश में म्यूनिसिपल सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स, 2016 के प्रभावी क्रियान्वयन की कमान संभालेगी। शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, समिति न केवल नियमों के पालन की निगरानी करेगी, बल्कि राज्य स्तर पर आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों को दूर करने के लिए आवश्यक उपाय भी सुनिश्चित करेगी। समिति की संरचना को व्यापक बनाते हुए इसमें शासन के लगभग सभी प्रमुख विभागों के शीर्ष अधिकारियों को शामिल किया गया है। समिति में नगरीय विकास एवं आवास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, पर्यावरण, परिवहन, औद्योगिक नीति, लोक स्वास्थ्य और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण विभागों के अपर मुख्य सचिव सदस्य होंगे। इनके साथ ही राजस्व, वन, खनिज, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम तथा स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिवों को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। समिति में प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा तकनीकी विशेषज्ञों और संस्थागत प्रतिनिधियों को भी स्थान दिया गया है। भोपाल स्थित मैनिट, आरजीपीवी और भारतीय रिजर्व बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय के प्रतिनिधि भी इसके सदस्य होंगे। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव और ईप्को के संचालक को भी समिति में शामिल किया गया है। स्वच्छ भारत मिशन के शहरी और ग्रामीण दोनों मिशन संचालकों को इस समिति का सदस्य-सचिव नामित किया गया है, ताकि स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन के कार्यों में बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सके। प्रकाश/05 मई 2026